नीतीश कुमार की वो 5 घोषणाएं जो बना सकती हैं उन्हें फिर से बिहार का ‘किंग’!

–नीतीश सरकार ने आने वाले 5 सालों में 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का वादा किया है. इससे पहले भी उनकी सरकार 50 लाख रोजगार देने का लक्ष्य लेकर चल रही थी, जिसमें 10 लाख सरकारी नौकरी और 39 लाख रोजगार अब तक दिए जा चुके हैं.

–महिलाओं के लिए नीतीश सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है – सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण, जिसमें डोमिसाइल नीति लागू होगी. इसका मतलब ये है कि अब बिहार की मूल निवासी महिलाओं को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता मिलेगी.

–किसानों को खुश करने के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं. डीजल अनुदान योजना के तहत किसानों को सिंचाई के लिए प्रति एकड़ 2250 रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी और एक किसान को 8 एकड़ तक लाभ मिलेगा. इसके अलावा, मिलेट्स (बाजरा) को बढ़ावा देने के लिए 46.75 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं ताकि खाद्य सुरक्षा और पोषण में सुधार किया जा सके.

–विधानसभा चुनाव से पहले पेंशन को लेकर लिया गया फैसला भी बड़ा असर डाल सकता है. वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन को तीन गुना बढ़ाकर 400 से 1100 रुपये प्रति माह कर दिया गया है. यह फैसला तुरंत लागू कर दिया गया है और जुलाई से ही 1.09 करोड़ लोगों के खाते में बढ़ी हुई पेंशन आनी शुरू हो जाएगी. प्रदेश में 80 साल से ऊपर के 16 लाख से ज्यादा और दिव्यांगों की आबादी करीब 8.7% है.

–राज्य में ‘बिहार युवा आयोग’ का गठन भी किया गया है, जो युवाओं को ट्रेनिंग, शिक्षा और सरकारी विभागों के साथ तालमेल बनाकर उन्हें रोजगार दिलाने में मदद करेगा. आयोग में 45 वर्ष से कम उम्र के लोग शामिल होंगे. इससे युवाओं को न सिर्फ अवसर मिलेंगे, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी खुलेगा.