ज्‍यादा केसर खाने से हो सकते है ये हेल्‍थ इश्‍यूज, इन लोगों को करना चाह‍िए परहेज

आयुर्वेद में केसर का बहुत महत्व बताया गया है। आयुर्वेद के अनुसार, केसर का सेवन करना छोटे बच्चों से लेकर वयस्कों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। केसर न सिर्फ खाद्य पदार्थ का टेस्‍ट बढ़ाता है। ये न सिर्फ स्‍वास्‍थय के ह‍िसाब से बल्कि सौंदर्य के ल‍िहाज से भी फायदा प‍हुंचाता है। आपके शरीर को केसर के इस्तेमाल से ना सिर्फ कई तरह के फायदे पहुंचते हैं, बल्कि यह कई बीमारियों को होने से रोकता भी है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं क‍ि केसर की तासीर गर्म होती है और इसका ज्‍यादा सेवन करने से आपको कई बीमार‍ियां हो सकती है।

केसर का दूध लाल रक्त कोशिकाओं को कम करने में मदद करता है। इसका सेवन गर्भावस्था में मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसलिए गर्भवती मां को केसर के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।केसर के ज्‍यादा सेवन से त्वचा और आंखें पीली पड़ जाती हैं और आपको पीलिया एवं फूड प्वॉयजनिंग हो सकता है। इसके अलावा आपकी म्यूकस में ब्रेन पीली पड़ सकती है, नाक से ब्लड निकल सकता है और आंखों की पलकें और होठ सुन्न हो सकते हैं।

जो लोग पहले से ही ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं उनको केसर के ज्यादा इस्तेमाल से बचना चाहिए। केसर अगर आवश्यकता से अधिक लिया जाए तो ये शरीर के ब्लड प्रेशर को अचानक से कम कर देता है। साथ ही इसके ज्यादा इस्तेमाल से दर्द, जी मिचलाना, उल्टी जैसी समस्या पैदा होने लगती है।आमतौर पर कैनबिस और मारिजुआना से धूम्रपान करने वाले लोगों को यह बीमारी होती है लेकिन केसर के अधिक सेवन से व्यवहार में जरुरत से ज्यादा उत्तेजना आ सकती है।

ऐसे में बायपोलर डिसऑर्डर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए केसर का अधिक सेवन ना करना ही बेहतर होता है।केसर का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल शरीर में एलर्जी पैदा करता है। साथ ही इसका इस्तेमाल शरीर में एंटीजन को बढ़ावा देता है। जिस वजह से शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। जिन लोगों को लिलियम, सल्सोला आदि पौधों से एलर्जी होती है उन्हें केसर कम खाना चाहिए।