लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 अगस्त 2025 लखनऊ नगर निगम की महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार को एक गोपनीय पत्र जारी कर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई है। महापौर ने नगर निगम मुख्यालय में आयोजित दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों—मृतक आश्रितों को नियुक्ति-पत्र वितरण तथा 31 जुलाई को सेवानिवृत्त कर्मचारियों के विदाई एवं सम्मान समारोह—में उन्हें सूचित न किए जाने पर गंभीर आपत्ति दर्ज की है।
पत्र में महापौर ने लिखा है कि न तो उन्हें इस कार्यक्रम की कोई जानकारी दी गई और न ही उनके कार्यालय को कोई औपचारिक सूचना भेजी गई, जबकि इस प्रकार के आयोजनों में महापौर की उपस्थिति और भूमिका अनिवार्य मानी जाती है। उन्होंने इसे नगर आयुक्त एवं अपर नगर आयुक्त (अधिष्ठान) की लापरवाही और अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए कड़ी आलोचना की।
महापौर ने नव नियुक्त सहायक नगर आयुक्तों के कार्य विभाजन को लेकर भी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना उनके साथ विचार-विमर्श के कार्य आवंटन करना और बिना आवश्यक संसाधनों—जैसे कक्ष और सहायक—की व्यवस्था किए आदेश जारी करना, एक गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।
उन्होंने नगर आयुक्त से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या ऐसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में महापौर की भूमिका की आवश्यकता नहीं मानी जा रही? साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या सहायक नगर आयुक्तों के कार्य विभाजन से पूर्व उनसे विचार नहीं लिया जाना चाहिए था?महापौर सुषमा खर्कवाल ने पत्र में नगर आयुक्त से 04 अगस्त, 2025 की अपराह्न तक जवाब देने की मांग की है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि भविष्य में ऐसी प्रशासनिक चूक की पुनरावृत्ति न हो। यह प्रकरण नगर निगम की आंतरिक कार्यप्रणाली और पारस्परिक समन्वय पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है, जिसे लेकर नगर निगम कर्मचारियों एवं आम नागरिकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
