लखनऊ,(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 जून 2025 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज राजधानी लखनऊ में महिलाओं की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक व सुरक्षा की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा शासन में स्त्रियाँ उत्पीड़ित, उपेक्षित, अपमानित और असुरक्षित हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाधान अब सत्ता परिवर्तन में ही है, और इसके लिए ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन के साथ-साथ अब ‘आधी आबादी’ यानी महिलाएं भी निर्णायक भूमिका निभाएंगी। इस मौके पर उन्होंने भावी योजना ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ की घोषणा करते हुए इसे नारी सशक्तिकरण की नई क्रांति करार दिया।
योजना के प्रमुख बिंदु: डिजिटल सशक्तिकरण:
हर प्रतिभाशाली छात्रा को लैपटॉप और सभी महिलाओं को मोबाइल फोन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त होगा।
कौशल विकास और रोज़गार:
‘पीडीए पाठशाला’ की स्थापना कर महिलाओं के पारंपरिक व आधुनिक हुनर को विकसित किया जाएगा, जिससे वे स्थानीय रोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सबल बन सकें।
आर्थिक सहयोग – सम्मान पेंशन:
समाजवादी सरकार द्वारा पूर्व में चलाई गई पेंशन योजना से आगे बढ़ते हुए, अब महिलाओं को हर महीने ₹3000 की सीधी बैंक ट्रांसफर सहायता दी जाएगी।
अखिलेश यादव ने साफ कहा कि “भाजपा राज में महिलाएं आज सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रही हैं। न सिर्फ उनके आत्मसम्मान पर चोट पहुंची है, बल्कि उनका आर्थिक और सामाजिक विकास भी ठहर गया है। अब बदलाव की ज़रूरत है और उस बदलाव की धुरी बनेंगी महिलाएं।”
उन्होंने बताया कि ‘आधी आबादी’ अब हर गाँव, गली और घर में जाकर इस योजना की जानकारी देगी, और जनजागरण अभियान के माध्यम से नारी चेतना को आंदोलन में बदलेगी।
महिलाओं को संबोधित अपील:
“हर नारी खुद को सिर्फ मतदाता न समझे, वह परिवर्तन की वाहक है। ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ सिर्फ एक योजना नहीं, यह नारी गरिमा का वादा है।”
