चाकू से वार कर टीचर को उतारा मौत के घाट, अल्लाहु अकबर के नारे

आकलन के मुताबिक इजराइल और अमेरिका के बाद फ्रांस दुनिया का तीसरा देश है जहां सर्वाधिक यहूदी आबादी निवास करती है। वहीं, पश्चिम यूरोप में फ्रांस ऐसा देश भी है जहां पर मुस्लिमों की सबसे अधिक आबादी है।

शुक्रवार को उत्तरी फ्रांस के अर्रास शहर के एक स्कूल में चाकू से किए गए हमले में एक शिक्षक की मौत हो गई। स्थानीय पुलिस ने चाकू से हमला होने की पुष्टि की है। क्षेत्रीय अधिकारियों ने कहा कि हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि उत्तरी फ्रांस के एक स्कूल में चाकू से लैस एक व्यक्ति ने हमला कर एक शिक्षक की हत्या कर दी और दो अन्य को घायल कर दिया। फ्रांस के आंतकवाद रोधी अभियोजकों ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह आरस शहर के इस मामले की जांच अपने हाथ में ले रहे हैं। आरस शहर पेरिस से 185 किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित है।

आंतरिक मामलों के मंत्री गेराल्ड डार्मेनियन ने बताया कि संदिग्ध हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों आरस स्थित घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। फ्रांसीसी प्रसारक फ्रांस इंफो और बीएफएम ने खबर दी है कि संदिग्ध हमलावर पूर्व छात्र है। फ्रांस में इस तरह से स्कूलों में हमले दुर्लभ हैं। हमले के पीछे की मंशा अबतक स्पष्ट नहीं हुई है। इसके अलावा, कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमलावर ने टीचर की हत्या से पहले ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाया था। हालांकि पुलिस इन मीडिया रिपोर्टों की पुष्टि कर रही है।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पिछले सप्ताहांत दक्षिणी इजराइल पर हमास के हमले और इसके बाद इजराइल के पलटवार में दोनों पक्षों की ओर से सैकड़ों लोगों की मौत के बाद तनाव का माहौल है। इजराइल द्वारा गाजा पर की जा रही भीषण बमबारी के खिलाफ कई मुस्लिम देशों में जुम्मे की नमाज के बाद प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। फ्रांस के आंतरिक मामलों के मंत्री ने बृहस्पतिवार को स्थानीय अधिकारियों को हमास के हमले के बाद बढ़ी यहूदी विरोधी घटनाओं के मद्देनजर फलस्तीन के समर्थन में सभी तरह के प्रदर्शनों पर रोक लगने का आदेश दिया।

एक आकलन के मुताबिक इजराइल और अमेरिका के बाद फ्रांस दुनिया का तीसरा देश है जहां सर्वाधिक यहूदी आबादी निवास करती है। वहीं, पश्चिम यूरोप में फ्रांस ऐसा देश भी है जहां पर मुस्लिमों की सबसे अधिक आबादी है। फ्रांसीसी संसद के निचले सदन की उपाध्यक्ष नैमा मौचु ने कहा कि नेशनल असेंबली ” पीड़ितों, उनके परिवारों और शिक्षा समुदाय के प्रति एकजुटता प्रकट करती है, जानकारी मिली है कि हमले में एक शिक्षक की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं।”