रिंकू सिंह के चयन पर लटकी तलवार, शुभमन गिल भी मुश्किल में, एशिया कप टीम पर कड़े फैसले लेगी चयन समिति !

एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टी-20 टीम का ऐलान मंगलवार को होगा. टूर्नामेंट यूएई में अगले महीने खेला जाएगा, जहां भारत 10 सितंबर को यूएई और 14 सितंबर को पाकिस्तान से भिड़ेगा. इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम के चयन में शुभमन गिल और रिंकू सिंह की जगह काफी मुश्किल लग रही है.

एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टी-20 टीम का ऐलान मंगलवार को होने वाला है. माना जा रहा है कि अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति इस बार कुछ सख्त और चौंकाने वाले फैसले ले सकती है. टूर्नामेंट अगले महीने से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में खेला जाएगा, जिसमें एशिया की शीर्ष टीमें चैंपियन बनने की होड़ में उतरेंगी. इस बार भारत का पहला मुकाबला 10 सितंबर को यूएई से होगा और पाकिस्तान के साथ हाई वोल्टेज मैच 14 सितंबर को होगा. फाइनल 28 सितंबर को निर्धारित है. विश्व कप से पहले इस अहम टूर्नामेंट के लिए टीम चयन में हर खिलाड़ी की जगह और भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है. सबसे ज्यादा चर्चा दो खिलाड़ियों की हो रही है भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल और फिनिशर के तौर पर पहचान बना चुके रिंकू सिंह

भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल और रिंकू सिंह के लिए 15 सदस्यीय टीम में जगह बनाना आसान नहीं होगा. गिल का चयन टीम में होगा या नहीं, इस पर चयनकर्ताओं के बीच विचार-विमर्श जारी है. वहीं रिंकू सिंह के लिए 15 सदस्यीय टीम में जगह पाना उतना आसान नहीं दिख रहा. रिंकू कुछ साल पहले तब सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए यश दयाल के एक ओवर में लगातार पांच छक्के जड़कर मैच पलट दिया था. उस प्रदर्शन के बाद से उन्हें भारत के लिए टी-20 फिनिशर के रूप में देखा जाने लगा.

हालांकि, पिछले एक-दो साल में रिंकू के करियर का ग्राफ थोड़ा नीचे गया है. टी-20 विश्व कप में वह मुख्य टीम का हिस्सा नहीं बन पाए और केवल स्टैंडबाय खिलाड़ी रहे. आईपीएल 2024 में उन्होंने सिर्फ 113 गेंदों का सामना किया, जबकि 2025 सीजन में यह संख्या 134 रही, जो यह दर्शाता है कि उनकी बल्लेबाजी भूमिका सीमित हो गई है. दिलचस्प बात यह है कि 2024 में केकेआर के मुख्य रणनीतिकार और वर्तमान भारतीय कोच गौतम गंभीर ने भी उन्हें सीमित मौकों में ही इस्तेमाल किया था.

ऐसे में यह साफ है कि भारतीय टी-20 टीम में इस समय हर बल्लेबाजी स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है. यदि चयनकर्ता एशिया कप की टीम का चयन सभी फिट और उपलब्ध खिलाड़ियों के आधार पर करते हैं, तो शीर्ष क्रम में अभिषेक शर्मा, कप्तान सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, संजू सैमसन (विकेटकीपर-बल्लेबाज) और तिलक वर्मा लगभग तय माने जा रहे हैं. अगर शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल की भी वापसी होती है, तो चयनकर्ताओं के सामने कुछ खिलाड़ियों को लेकर समझौता करने की स्थिति बनेगी.

एक पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता ने पीटीआई से कहा, ‘‘हम अक्सर लोगों को कहते हुए सुनते हैं कि अमुक खिलाड़ी को चुनना चाहिए, लेकिन कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि ‘किसकी जगह’? श्रेयस अय्यर ने 180 के स्ट्राइक रेट से 600 रन बनाए हैं, लेकिन वह शीर्ष चार में बल्लेबाजी करते हैं. उनके लिए जगह कहां है. अगर आप अभी अपने शीर्ष पांच खिलाड़ियों में बदलाव नहीं कर सकते तो शुभमन को नहीं चुन सकते. अगर आप अभी शुभमन को चुनते हैं, तो जाहिर है कि टेस्ट कप्तान को बाहर नहीं बिठाया जा सकता.”

भारत के लिए खेल चुके पूर्व चयनकर्ता ने कहा, ‘‘तो आप समझौता कहां करेंगे? मुझे तो रिंकू की जगह पर संदेह नज़र आ रहा है क्योंकि शीर्ष क्रम के कुछ बल्लेबाजों को उनकी उतनी ज़रूरत नहीं है. और ध्यान रहे, हम जायसवाल की बात ही नहीं कर रहे हैं.’’ अगर रिंकू सिंह को जगह नहीं मिलती, तब भी शिवम दुबे (क्योंकि नितीश रेड्डी के फिट होने की संभावना कम है) और जितेश शर्मा (दूसरे विकेटकीपर) जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं, जो निचले क्रम में फिनिशर की भूमिका बखूबी निभा सकते हैं. यही वजह है कि एशिया कप के लिए भारतीय टीम का चयन इस बार रिंकू सिंह के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है.