सुनील गावस्कर ने डीआरएस पर उठाए सवाल

भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने बॉल ट्रैकिंग तकनीक की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए। भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन जो रूट के एलबीडब्ल्यू की अपील पर बचने के बाद गावस्कर ने डीआरएस पर सवाल उठाए। दरअसल, मोहम्मद सिराज की गेंद पर भारत ने रूट को एलबीडब्ल्यू आउट करने की अपील की, लेकिन अंपायर पॉल रीफेल ने इसे नॉटआउट करार दिया जिसके बाद भारत ने डीआरएस का सहारा लिया। डीआरएस में अंपायर का फैसला बरकरार रखा गया। गावस्कर ने न केवल तकनीक, बल्कि अंपायर पॉल रीफेल के फैसले की भी आलोचना की। यह घटना इंग्लैंड की दूसरी पारी के 38वें ओवर में घटी, जब सिराज की गेंद अंदर की ओर आई और रूट के पैड पर लगी। सिराज ने जोरदार अपील की, जिसमें स्लिप कॉर्डन ने भी उनका साथ दिया। शुभमन गिल भी सिराज से सहमत नजर आए और उन्होंने डीआरएस लिया। रिप्ले में दिखा कि रूट काफी हद तक क्रीज से बाहर निकल आए थे और गेंद लाइन में थी। इम्पैक्ट में लेग स्टंप साफ दिख रहा था, जिससे भारत को विकेट की उम्मीद जगी।हालांकि, बॉल-ट्रैकिंग ने दिखाया कि गेंद केवल लेग स्टंप को हल्के से छू रही थी। अंततः फैसला अंपायर कॉल पर टिका और रूट आउट होने से बच गए। कप्तान गिल और सिराज इससे नाखुश दिखे। इस दौरान कमेंट्री कर रहे गावस्कर ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बॉल-ट्रैकिंग डेटा की सटीकता पर सवाल उठाते हुए कहा, आप कह रहे हैं कि गेंद लेग स्टंप को बस छू रही थी? यह संभव नहीं है। यह तो लेग स्टंप को उखाड़ रही थी। एकमात्र अच्छी बात यह है कि भारत का रिव्यू बर्बाद नहीं हुआ।