यूपी के इस लोकसभा सीट पर पहली बार सपा को मिली जीत ?

आजादी के बाद पहली बार बस्ती लोकसभा-61 पर सपा प्रत्याशी राम प्रसाद चौधरी को जीत मिली है। पहले ही राउंड से सपा के राम प्रसाद चौधरी बढ़त ने बढ़ाई थी। अंत भाजपा पीछा नहीं कर सकी। राम प्रसाद चौधरी ने भाजपा को 100958 वोटों से हराकर सीट अपने नाम कर ली। ईडी गठबंधन को 524756, भाजपा को 423798 और बसपा को 120964 वोट मिले हैं।

बस्ती सीट का इतिहास

बस्ती जनपद में राजनीति की शुरुआत स्वतंत्रता के बाद राम चरित्र पांडेय और देशराज नारंग से होती है। दोनों बड़ी हस्तियां थीं। रामचरित्र पांडेय जहां कांग्रेस के बड़े नेता थे वहीं देशराज नारंग औद्योगिक घराने से संबंध रखते थे। हरैया तहसील में सुरेंद्र प्रताप नारायण पांडेय उर्फ कोट साहब और सुखपाल पांडेय का दबदबा था। 80 के दशक से जगदंबिका पाल और अंबिका सिंह की धमक बनी तो 90 के दशक से रामप्रसाद चौधरी और राज किशोर सिंह के सितारे अपनी चमक बिखरने लगे। 2014 तक दोनों नेता पूरे जनपद में हावी रही। पूर्व डीआइजी श्यामलाल कमल यहां से सांसद चुने गए थे।भाजपा के झंडे तले श्रीराम चौहान ने यहां से सांसद बनने की हैट-ट्रिक लगाई। बसपा के लालमणि प्रसाद भी सांसद बने। 2009 में लोकसभा सीट के सामान्य होने के बाद राम प्रसाद चौधरी ने भतीजे अरविंद चौधरी को सांसद बनाया। उसके बाद हरीश द्विवेदी लगातार दो बार सांसद चुने गए।