मिश्रिख़ (सीतापुर)उत्तर प्रदेश के कोटेदारों ने भरी हुंकार: लाभांश बढ़ाने और मानदेय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा पत्र उत्तर प्रदेश लखनऊ के उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कोटेदारों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री को एक पत्र प्रेषित कर अन्य राज्यों की तर्ज पर लाभांश बढ़ाने और सम्मानजनक मानदेय निर्धारित करने की पुरजोर मांग की है।प्रमुख मांगें और नाराजगी के कारण पत्र में कोटेदारों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।अल्प लाभांश: वर्तमान में उत्तर प्रदेश के कोटेदारों को मात्र ₹90 प्रति क्विंटल लाभांश मिलता है, जो कि बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार चलाने के लिए अत्यंत कम है।अन्य राज्यों से तुलना: कोटेदारों का कहना है कि हरियाणा, गोवा और दिल्ली जैसे राज्यों में ₹200 प्रति क्विंटल लाभांश दिया जा रहा है। वहीं, गुजरात सरकार ने कोटेदारों के लिए ₹20,000 न्यूनतम आय गारंटी लागू की है।कोरोना काल की सेवाएं कोटेदारों ने याद दिलाया कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के समय उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत ईमानदारी से नि:शुल्क राशन वितरण किया, जिसकी सराहना केंद्र सरकार ने भी की थी।आंदोलन की चेतावनीपत्र के अंत में कोटेदारों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा है कि यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो प्रदेश भर के कोटेदार विधानसभा घेराव करने को विवश होंगे और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।कोटेदारों का कहना है कि वे केवल अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं ताकि इस कमरतोड़ महंगाई में वे अपने परिवार का भरण-पोषण सुचारू रूप से कर सकें।अन्यथा की स्थिति में समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशाशन की होगी ।विशाल रस्तोगी, अंशुल शुक्ला,विजयपाल सिंह, चंद्रप्रकाश सिंह,करणपाल सिंह,दिलीप वर्मा शिवकुमार पाठक, रामकुमार सिंह, श्याम सिंह सस्ता गल्ला विक्रेता के प्रदेश अध्यक्ष अशोक मल्होत्रा प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी , विजय वर्मा,सुरेन्द्र यादव,अजय वर्मा,आदि दोनों।मंडलों से।समस्त।विक्रेता बंधु
सीतापुर:संगठन के बैनर तले कोटेदारों ने किया प्रदर्शन,अपनी मांगों को लेकर सौपा ज्ञापन
