भारत के युवा टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया अब तक टेस्ट सीरीज हारा तो नहीं है, लेकिन उनके स्पिनरों के इस्तेमाल के तरीके पर सवाल जरूर उठे हैं. अनुभवी पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने शुभमन गिल की टेस्ट कप्तानी की एक बड़ी खामी उजागर करते हुए कहा कि स्पिनरों का उनका प्रबंधन औसत से कमतर रहा है. यह एक ऐसा पहलू है, जिसमें उन्हें स्पिनरों को और प्रभावी ढंग से रोटेट करना सीखकर सुधार करना होगा. शुभमन ने पहली बार इंग्लैंड दौरे पर कप्तानी की कमान संभाली थी, जहां हालात ज्यादातर तेज गेंदबाजों के अनुकूल थे. हालांकि, उनके लिए असली चुनौती वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान पर दूसरे दौरे में आई, जहां स्पिनरों के इस्तेमाल में उन्हें परेशानी हुई.
इस बात के लिए अश्विन ने की गिल की आलोचना
खेल के आधुनिक महान खिलाड़ियों में से एक अश्विन ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच शुरुआती टेस्ट मैच के पहले गिल की कप्तानी पर विचार किया और पिछली सीरीज में स्पिनरों को विकेट लेने के लिए लंबे समय तक मौका न देने के उनके दृष्टिकोण की आलोचना की. उन्होंने अपने ‘ऐश की बात’ कार्यक्रम में कहा, ‘अक्षर का टीम में होना ठीक है. अगर पिच पूरी तरह से टर्निंग है और आप किसी तेज गेंदबाज को हल्का खिलाना चाहते हैं, तो वह आ सकता है. याद रखें कि टेस्ट मैचों में उसकी बल्लेबाजी को कम करके आंका जाता है, लेकिन (11 में से) एक अतिरिक्त स्पिनर होने से आपको गेंदबाजों को बाएं और दाएं घुमाना होगा.’
गेंदबाजों को रोटेट करने का तरीका सही नहीं
अश्विन ने आगे कहा, ‘पिछली सीरीज में भी शुभमन का गेंदबाजों को रोटेट करने का तरीका सही नहीं था. वह स्पिनरों को लंबे स्पैल नहीं दे रहे थे. आपको लगता है कि गेंदबाज छोटे स्पैल में विकेट ले लेंगे, लेकिन टेस्ट मैचों में ऐसा नहीं होता. मेरा मानना है कि पांच गेंदबाज आपको पर्याप्त संतुलन देंगे.’ दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट से पहले, अश्विन ने भारत के स्पिन गेंदबाजी विकल्पों पर चर्चा की और बताया कि टीम का संतुलन और परिस्थितियां जडेजा, कुलदीप, वॉशिंगटन और अक्षर जैसे स्पिनरों के चयन को कैसे प्रभावित करेंगी.
जडेजा नहीं होंगे, तभी अक्षर को मिलेगा मौका
उन्होंने कहा, ‘यह सब परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. गेंद शायद ज्यादा टर्न न करे. इसलिए आपको तय करना होगा कि आप कितने स्पिनर चाहते हैं. समस्या यह है कि जडेजा तय हैं और कुलदीप को खेलना होगा. वॉशिंगटन सुंदर भी खेलेंगे. अक्षर को मौका तभी मिलेगा जब जडेजा नहीं होंगे, यह बिल्कुल साफ है. अगर आप बहुत ज्यादा स्पिनर खिलाते हैं तो रोटेशन एक समस्या होगी.’ दो मैचों की टेस्ट सीरीज 14 नवंबर से कोलकाता में शुरू होगी, जिसके बाद दूसरा टेस्ट 22 नवंबर से गुवाहाटी में शुरू होगा. दक्षिण अफ्रीका ने कप्तान टेम्बा बावुमा का स्वागत किया है, जो पाकिस्तान दौरे के दौरान लगी पिंडली की चोट से उबरकर वापसी कर रहे हैं. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भारत फिलहाल तीसरे स्थान पर है. भारत डिफेंडिंग चैंपियन दक्षिण अफ्रीका से थोड़ा ऊपर है, जो चौथे स्थान पर है.
