बहराइच में लेखपाल भर्ती को लेकर ओबीसी आरक्षण पर विरोध, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

बहराइच:(द दस्तक 24 न्यूज़) 18 दिसंबर 2025 उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ द्वारा 16 दिसंबर 2025 को जारी लेखपाल मुख्य परीक्षा भर्ती की अधिसूचना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण न दिए जाने के विरोध में प्रगतिशील विश्व मौर्य परिषद ने कड़ा ऐतराज जताया है। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष आशीष कुमार मौर्य के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद को सौंपते हुए अधिसूचना में संशोधन की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष आशीष कुमार मौर्य ने बताया कि विज्ञापन संख्या-02/परीक्षा/2025 के तहत लेखपाल के कुल 7998 पदों पर भर्ती की अधिसूचना जारी की गई है। इसमें अनारक्षित वर्ग के लिए 4165 पद, अनुसूचित जाति के लिए 1446 पद, अनुसूचित जनजाति के लिए 150 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 1441 पद तथा ईडब्ल्यूएस के लिए 792 पद निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ओबीसी के लिए निर्धारित पद मात्र लगभग 18 प्रतिशत हैं, जो कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप 27 प्रतिशत आरक्षण के विपरीत है।

आशीष कुमार मौर्य ने कहा कि यह अधिसूचना नियम विरुद्ध, पक्षपातपूर्ण और पिछड़े वर्ग के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। आयोग द्वारा जारी यह व्यवस्था न केवल संवैधानिक नियमों की अवहेलना है, बल्कि “सबका साथ, सबका विकास” के सरकारी ध्येय वाक्य के भी खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसलों से पिछड़े वर्ग के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हो रहा है।

प्रगतिशील विश्व मौर्य परिषद ने मांग की कि ओबीसी हितों को ध्यान में रखते हुए भर्ती अधिसूचना में शीघ्र संशोधन कर अन्य पिछड़ा वर्ग को पूर्ण 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि ओबीसी को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिला तो समाज खुद को ठगा हुआ महसूस करेगा और आंदोलन के लिए मजबूर होगा। इस अवसर पर एडवोकेट संजीव कुमार मौर्य, धनंजय मौर्य, अनीता मौर्य, हरीश, निरंकार, रामरूप मौर्य, ओमप्रकाश सहित कई लोग उपस्थित रहे।