प्रयागराज : कलस्टर/समूह में स्थापित करें परियोजना/स्व रोजगार इकाई, मिलेगा 50,000 रू0 का अनुदान

विशेष केन्द्रीय सहायता द्वारा प्रायोजित एवं उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0, महानगर, लखनऊ द्वारा संचालित पी0एम0-अजय योजनान्तर्गत ग्रान्ट-इन -एड (आय सृजक योजनाए) का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त योजनान्तर्गत जनपद प्रयागराज में निवासित ऐसे व्यक्ति लाभान्वित किये जायेंगे, जो लाभार्थी अनुसूचित जाति का व्यक्ति एवं जनपद का निवासी हो, लाभार्थी की आयु 18 से 50 वर्ष के मध्य हो, लाभार्थी का परियोजना की जरूरतानुसार साक्षर होना अनिवार्य है, लाभार्थी कलस्टर एवं समूह के रुप में कार्य करने का इच्छुक हो, लाभार्थी पूर्व में निगम द्वारा संचालित योजनाओं एवं अन्य किसी संस्था का बकायेदार/डिफाल्टर न हो तथा ओ0टी0एस के माध्यम से ़ऋण की अदायगी न की हो, लाभार्थी की वार्षिक आय की कोई सीमा नहीं है किन्तु रू 2.50 लाख (दो लाख पचास हजार रूपये) वार्षिक आय वाले परिवार को प्राथमिकता दी जायेगी, लाभार्थी का CIBIL स्कोर अच्छा होना चाहिए, लाभार्थी पोर्टल अजय http;’//grant-in-aid.upsfdc.in के माध्यम से आनलाईन एवं ऑफलाइन कार्यालय मे उपस्थित होकर आवेदन कर सकते है, ग्रान्ट-इन-एड (आय सृजक योजनाएं) योजनान्तर्गत परियोजना स्थापित करने हेतु प्रति व्यक्ति रू0 50000/- अथवा प्रोजेक्ट धनराशि का 50 प्रतिशत जो भी कम हो, सहायता अनुदान के रुप में प्रदान किया जायेगा तथा परियोजना लागत की अवशेष धनराशि बैंक ऋण के रूप मे होगी, सी0जी0टी0एम0एस0ई0 कवर फीस लाभार्थी द्वारा वहन की जायेगी, परियोजना लागत का 5 प्रतिशत अंशदान लााभार्थी द्वारा बैंक में देय होगा, पात्र/अर्ह होंगे।

समस्त अनुसूचित जाति के आवेदक जो उक्त योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु ग्रामीण क्षेत्र के सम्बन्धित विकास खण्ड में कार्यरत सहायक विकास अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी (स0क0) से सम्पर्क कर आवेदन कर सकते है एवं नगरीय क्षेत्र के व्यक्ति किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) पदेन जिला प्रबन्धक, उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0, प्रयागराज में सम्पर्क कर विकास भवन, तृतीय तल कमरा न0 82 एवं 83 में उपस्थित होकर आवेदन पत्र जमा कर सकते है। यह जानकारी जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) अंजिका मोना शर्मा ने दी है।

द दस्तक 24
प्रभारी पत्रकार तहसील कोरांव प्रयागराज उमाशंकर कुशवाहा