रामपुर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 अक्टूबर 2025 उत्तर प्रदेश की राजनीति में शनिवार को उस समय नई हलचल मच गई जब अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य अचानक समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां से मिलने रामपुर पहुंच गए। यह भेंट दोपहर करीब 1 बजकर 15 मिनट पर टंकी नंबर पांच, घेर मीर बाज खां स्थित आजम खां के आवास पर हुई।
जानकारी के अनुसार, स्वामी प्रसाद मौर्य ने आजम खां के साथ करीब आधे घंटे तक निजी बातचीत की। इस दौरान पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खां ने मौर्य का स्वागत किया। मुलाकात के बाद मौर्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह एक “शिष्टाचार भेंट” थी, लेकिन उनके बयानों ने प्रदेश की सियासत का तापमान बढ़ा दिया।
मौर्य ने कहा कि “राजनीति में सबकुछ संभव है,” और संकेत दिए कि आगे की रणनीति जनता के हित में तय की जाएगी। उन्होंने आजम खां के खिलाफ की गई कार्रवाइयों को “राजनीतिक द्वेष से प्रेरित” बताया और चेतावनी दी कि “जब हमारी सरकार बनेगी, तो इस तरह की कार्रवाई करने वालों को परिणाम भुगतने होंगे।”
योगी आदित्यनाथ सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए मौर्य ने कहा कि भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम राजनीति को चरम पर पहुंचा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में मुसलमानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, यहां तक कि मस्जिदों पर बुलडोजर चलाना आम बात बन गई है।
उन्होंने कहा, “भाजपा ने समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांट दिया है। योगी सरकार में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। बेरोजगारी बढ़ रही है और गरीब वर्ग की लगातार उपेक्षा की जा रही है।” शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए मौर्य ने प्राथमिक स्कूल बंद करने के फैसले को “निंदनीय” बताया। उन्होंने कहा कि “एक ओर सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर बच्चों की शिक्षा छीनने का काम कर रही है।”
बरेली में हाल ही में हुए बवाल पर उन्होंने कहा कि यह भाजपा की साजिश थी, जो समाज में नफरत फैलाने के उद्देश्य से रची गई थी। स्वामी प्रसाद मौर्य और आजम खां की इस अप्रत्याशित मुलाकात ने प्रदेश की सियासी हलचल को तेज कर दिया है। राजनीतिक जानकार इसे भविष्य में संभावित नए समीकरणों का संकेत मान रहे हैं।
