मेयर चुनाव पर सियासी संग्राम, संजय राउत ने भाजपा पर लगाए पार्षदों के फोन टेप के आरोप

राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, भाजपा के पार्षदों पर उसी पार्टी के कार्यकर्ता नजर रख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि होटल में बंद शिवसेना पार्षदों की जासूसी हो रही है। राउत ने आरोप लगाया कि मुंबई के मेयर का फैसला दिल्ली से हो रहा है, जो महाराष्ट्र का अपमान है। उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना पर भी निशाना साधा।

मेयर चुनाव को लेकर सस्पेंस के बीच, राउत ने मंगलवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे से भी मुलाकात की। हाल ही में हुए बीएमसी चुनावों में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने बहुमत हासिल किया है। इसमें भाजपा को 89 और शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। इसके साथ ही बीएमसी पर ठाकरे परिवार का लंबा कब्जा खत्म हो गया है।

शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपने सभी 29 नए सदस्यों को मुंबई के एक होटल में भेज दिया है। बताया गया है कि यह काम सीखने के लिए एक वर्कशॉप है। शिंदे का कहना है कि अगला मेयर महायुति (भाजपा-शिवसेना गठबंधन) का ही होगा। उन्होंने बाल ठाकरे के सम्मान में शिवसेना का मेयर होने का संकेत भी दिया था।

वहीं राउत के इन सभी आरोपों को भाजपा के मीडिया प्रभारी नवनाथ बान ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने पार्षदों पर भरोसा है। इसलिए फोन टैपिंग की जरूरत नहीं है। उन्होंने उल्टा सवाल किया कि जब महा विकास अघाड़ी सरकार थी, तब एकनाथ शिंदे और उदय सामंत के फोन कौन टैप कर रहा था? उन्होंने कहा हम ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं हैं।