तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के अपने फैसले के बाद अब किसान संगठन सरकार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की गारंटी वाला कानून लाने का दबाव बना रहे हैं। इस मसले पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को होगी। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक इस बैठक में एमएसपी के मुद्दे और आगामी संसद सत्र के दौरान प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च और भविष्य के कदमों के बारे में फैसला लिया जाएगा।
एसकेएम की कोर कमेटी के सदस्य दर्शन पाल का कहना है कि संसद तक ट्रैक्टर मार्च का हमारा आह्वान अभी तक कायम है। आंदोलन की भावी रूपरेखा क्या होगी इस पर अंतिम फैसला रविवार को सिंघू बार्डर पर होने वाली बैठक में लिया जाएगा। इस बैठक में एमएसपी के मुद्दों पर भी चर्चा होगी। एसकेएम सदस्य एवं किसान नेता सुदेश गोयत ने भी कहा कि किसानों ने तय किया है कि संसद में तीनों कृषि कानूनों के वापस लिए जाने तक आंदोलन नहीं छोड़ेंगे। अभी तक ट्रैक्टर मार्च को भी रद करने का फैसला नहीं हुआ है।
26 नवंबर को एसकेएम ने किसानों से जमा होने का किया आह्वान, किसान संगठनों की एमएसपी के मसले पर बैठक
