अब सभी सरकारी नौकरियों क लिया देना होगा एक टेस्ट , NRA लेगी टेस्ट

सरकारी भर्ती प्रक्रिया में सुधार की बड़ी पहल करते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) के गठन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब ग्रुप ‘बी’ और ‘सी’ के नॉन टेक्निकल पदों पर भर्ती के लिए आवेदकों को एक ही ऑनलाइन कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) देना होगा। इस टेस्ट के आधार पर वे अलग-अलग विभागों में भर्ती के लिए मुख्य परीक्षाओं में शामिल होने के पात्र होंगे। सीईटी में सफल अभ्यर्थी तीन साल सीधे मुख्य परीक्षा दे सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।
राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) विभिन्न भर्ती बोर्ड के लिए ऑनलाइन कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) का आयोजन करेगी। इसके तहत ग्रुप ‘बी’ एवं ‘सी’ के नॉन टेक्निकल पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा होगी। सीईटी में सफल होने वाले अभ्यर्थी संबंधित बोर्ड की मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। मुख्य परीक्षा में विफल होने के बाद भी उन्हें तीन साल तक सीधे मुख्य परीक्षा देने की अनुमति होगी।
अभी सरकारी नौकरी के लिए अभ्यर्थियों को एक जैसी पात्रता की शर्ते होने के बावजूद अलग-अलग भर्ती बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होना पड़ता है। इससे अभ्यर्थियों पर परीक्षा की फीस से लेकर अन्य कई खर्चो का दबाव पड़ता है। कई बार परीक्षा केंद्रों तक आना-जाना भी बड़ी चुनौती होती है। प्रत्येक परीक्षा में औसतन ढाई से तीन करोड़ अभ्यर्थी बैठते हैं। सीईटी से अभ्यर्थियों और विभिन्न सरकारी विभागों का खर्च कम होगा और व्यवस्था आसान होगी।
एनआरए स्वायत्त एजेंसी होगी, जिसका मुख्यालय दिल्ली में रहेगा। एजेंसी के चेयरमैन का पद केंद्र में सचिव के स्तर का होगा। इसके बोर्ड में उन सभी विभागों का प्रतिनिधित्व होगा, जिनके भर्ती बोर्डो को इससे जोड़ा जाएगा।

सीईटी की अहम खूबियां

1- राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी साल में दो बार करेगी सीईटी का आयोजन

2- रजिस्ट्रेशन से लेकर परीक्षा व मेरिट लिस्ट तक सब ऑनलाइन

3- 12 भाषाओं में दिया जाएगा सीईटी में शामिल होने का विकल्प

4- 10वीं, 12वीं और स्नातक पास आवेदकों के लिए अलग-अलग टेस्ट

5- मानक पाठ्यक्रम के आधार पर पूछे जाएंगे बहुविकल्पीय प्रश्न

6- सुरक्षा के उच्च मापदंड अपनाए जाएंगे, टेस्ट के तुरंत बाद नतीजा मिल जाएगा

7- अधिकतम उम्र सीमा तक कई बार दे सकेंगे परीक्षा

8- हर जिले में होगा परीक्षा केंद्र, हजार से ज्यादा केंद्र खोले जाएंगे

9- पहले चरण में आरआरबी, एसएससी और आइबीपीएस को जोड़ा गया

10- एजेंसी के लिए 1,518 करोड़ का आवंटन, तीन साल में होगा खर्च

11- राज्यों के भर्ती बोर्ड और निजी क्षेत्रों को भी शामिल करने की योजना