कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के विवादित बयान को लेकर संभल की चंदौसी स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट सख्त हो गई है। कोर्ट ने राहुल गांधी से इस मामले में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई की तारीख सात मई तय की है। मामला 15 जनवरी 2024 का है। तब दिल्ली में कांग्रेस के नए मुख्यालय के उद्घाटन के मौके पर राहुल गांधी ने कहा था कि हम अब भाजपा, आरएसएस ही नहीं, बल्कि भारतीय राज्य से भी लड़ रहे हैं। इस बयान को लेकर हिंदू शक्ति दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने आपत्ति जताते हुए इसे देश की एकता और लोकतंत्र पर हमला बताया। सिमरन गुप्ता ने पहले जिलाधिकारी, एसपी संभल और अन्य अधिकारियों को शिकायत सौंपी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने 23 जनवरी को चंदौसी स्थित अदालत में मामला दर्ज कराया। उनके अधिवक्ता सचिन गोयल ने बताया कि कोर्ट ने इस बयान को गंभीरता से लिया।
इसके बाद 20 मार्च को राहुल गांधी को नोटिस जारी कर चार अप्रैल को पेश होने या लिखित जवाब देने का निर्देश दिया था। शुक्रवार को हुई सुनवाई में अदालत ने राहुल गांधी को एक और मौका देते हुए सात मई तक जवाब दाखिल करने का आदेश जारी किया है।
सिमरन गुप्ता का कहना है कि राहुल गांधी का यह बयान देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है और इससे देश की अखंडता को खतरा हो सकता है।