पूरनपुर विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्र के गरीब आज भी झोपड़ी में रहने वाले झोपड़ी में रहने के लिए मजबूर हैं। पूरनपुर विकासखंड के अधिकारियों में भ्रष्टाचार इस कदर पनप रहा है उन्हें गरीब और अमीर में फर्क नहीं दिख रहा है उन्हें गरीब अमीर नजर आता है वहीं अमीर उन्हें गरीब नजर आता है क्योंकि भ्रष्टाचार का उनकी आंखों की पुतली पर मोतियाबिंद जैसा चढ़ा है जिन्हें दिखाई नहीं देता अमीर कौन है और गरीब कौन।
पूरनपुर विकासखंड क्षेत्र में झोपड़ी में रहने वाले आज भी प्रधानमंत्री आवास से वंचित हैं और वही पक्के घरों में रहने वालों के लिए प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिया जा रहा है। इस तरह भ्रष्टाचार से लिप्त अधिकारियों की सांठगांठ से पक्के घरों में रहने वाले लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास में पात्र कर उन्हें आवास आवंटित कर दिए जाते हैं किसी किसी को तो पूरा मकान दो मंजिल बना हुआ है उन्हें भी आवास आवंटित कर दिए गए। जिस तरफ प्रशासनिक अधिकारियों की नजर नहीं पड़ती क्योंकि उनकी आंखों पर भ्रष्टाचार का पर्दा पड़ा हुआ होता है।
पूरनपुर विकासखंड क्षेत्र के गांव लालपुर के नरेश पाल अपनी पत्नी और छोटे-छोटे चार बच्चों के साथ पन्नी और घास फूस से बनी झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। जिन्हें अभी तक प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिला है वही भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों मिलकर हर गरीब के सिर पर अपनी छत होने की बात कह रही है। जिसको पूरनपुर विकास खंड के अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। ऐसे ही कई घर हैं जो प्रधानमंत्री आवास के लिए पात्र हैं उन्हें आवाज आमंत्रित नहीं किया जा रहा है और पक्के घरों वालों के लिए आवाज आवंटित किया जा रहा है।
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पीलीभीत : झोपड़ी में रहने वाले नहीं है प्रधानमंत्री आवास के लिए पात्र।
पूरनपुर विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्र के गरीब आज भी झोपड़ी में रहने वाले झोपड़ी में रहने के लिए मजबूर हैं। पूरनपुर विकासखंड के अधिकारियों में भ्रष्टाचार इस कदर पनप रहा है उन्हें गरीब और अमीर में फर्क नहीं दिख रहा है उन्हें गरीब अमीर नजर आता है वहीं अमीर उन्हें गरीब नजर आता है क्योंकि भ्रष्टाचार का उनक
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