Monday, 14 September 2026 | 9:25 PM
UP News

पीलीभीत : पानी लगाने गए किसान को खेत से खींचकर बाघ ने किसान को मौत के घाट उतारा।

पूरनपुर। खेत पर पानी लगाने गए किसान को खेत से खींचकर बाघ ने किसान को मौत के घाट उतार दिया था। वन कर्मियों को सूचना मिलने के घंटो बाद वनकर्मी घटना स्थल पर नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों में भारी रोष उत्पन्न हो गया।इससे नाराज ग्रामीण ने ट्राली पर शव रखकर हाईवे को जाम करने की चेतावनी दी। इसकी भनक लगी और प
Share:
पीलीभीत : पानी लगाने गए किसान को खेत से खींचकर बाघ ने किसान को मौत के घाट उतारा।
Read in your preferred language.

पूरनपुर। खेत पर पानी लगाने गए किसान को खेत से खींचकर बाघ ने किसान को मौत के घाट उतार दिया था। वन कर्मियों को सूचना मिलने के घंटो बाद वनकर्मी घटना स्थल पर नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों में भारी रोष उत्पन्न हो गया।इससे नाराज ग्रामीण ने ट्राली पर शव रखकर हाईवे को जाम करने की चेतावनी दी। इसकी भनक लगी और पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। ग्रामीण बाघ को पकड़वाने और मृतक के परिजनों को 25 लाख मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए। वहीं आधी रात तक जमकर हंगामा हुआ। लेकिन पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज सकी।

थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के गांव चतीपुर निवासी रामप्रसाद 45 वर्ष पुत्र सोहनलाल हरिपुर किशनपुर में जंगल के किनारे स्थित खेत पर रविवार को पानी लगा रहे थे। तभी अचानक करीब 4 बजे घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक उनपर हमला कर दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाघ युवक को खींचकर जंगल की ओर ले गया और मौत के घाट उतार दिया।वहीं आस पास खेतपर काम कर रहे किसानों व ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ शव छोड़कर भाग गया था। घटना की जानकारी ग्रामीणों को लगी तो गांव क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जहां सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बाघ द्वारा मौत के घाट उतारने के मामले में ग्रामीण शव देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही सेहरामऊ उत्तरी थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ घटना स्थल पहुंचे। वहीं चंद दिनों के अंदर और दूसरी घटना से ग्रामीण कॉफी आक्रोशित हो गए। जहां वन विभाग की टीम के न पहुंचने पर आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा हाईवे जाम करने के प्रयास में थे। लेकिन स्थानीय विधायक, एसडीएम व सीओ के समझाने पर आधी रात को शव पोस्टमार्टम को भेजा जा सका। ग्रामीणों ने अपनी बात रखते हुए जंगल से लकड़ी लाने से न रोकने, तथा 25 लाख का मुआवजा सहित अन्य मांगे पूरी होने की बात रखी। अफसरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार मुआवजा देने की बात कही है।