Monday, 14 September 2026 | 9:21 PM
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पीलीभीत: बरखेड़ा विकासखंड में पशुशेड तथा शॉकपिट के नाम पर हुआ बड़ा घोटाला।

पीलीभीत: बरखेड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायतों मैं पशु-शेड तथा शाकपिट के नाम पर बड़ा घोटाला किया गया। जिस तरह से शासन द्वारा पशुधन को बढ़ावा देने के लिए तथा उनके रखरखाव आदि के लिए गांव में रहने वाले गरीब पशुपालकों के लिए पशु-शेड बनवाने के निर्देश दिए थे ,जिससे कि गरीब किसानों को पशुओं के रखरखाव में कोई
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पीलीभीत: बरखेड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायतों मैं पशु-शेड तथा शाकपिट के नाम पर बड़ा घोटाला किया गया। जिस तरह से शासन द्वारा पशुधन को बढ़ावा देने के लिए तथा उनके रखरखाव आदि के लिए गांव में रहने वाले गरीब पशुपालकों के लिए पशु-शेड बनवाने के निर्देश दिए थे ,जिससे कि गरीब किसानों को पशुओं के रखरखाव में कोई परेशानी ना आए और मजबूरी बस कोई पशुओं को आवारा ना छोड़े ।वही जल संरक्षण के उद्देश्य से सरकार ने मनरेगा से गांव गांव पानी सूखने के गड्ढे (शाकपिट) बनवाने के निर्देश दिए। परंतु भ्रष्टाचार के महारथी लोगों ने सरकार के दोनों महत्वकांक्षी योजनाओं मैं अपने पैसा कमाने का अवसर तलाशते हुए भ्रष्टाचार को अंजाम दे डाला और सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया। पशु शैडो के नाम पर लोगों के रहने के टीन शेड बना दिए । जिन लोगों के पास जगह नहीं थी उनके पशु शेड घरों की छतों के ऊपर बना दिए। इतना ही नहीं पानी सूखने के गड्ढों के नाम पर छोटे छोटे गड्ढे खोद कार्य की इतिश्री कर दी गई । जबकि पशु शेड के लिए लगभग एक लाख की धनराशि प्रदान की जाती है और शाक पिट के लिए मजदूरी सहित लगभग 12000 प्रति शाकपिट दिए जा रहे हैं ।वही इन दोनों कार्यों में हेरफेर करना बहुत ही आसान माना जाता है। यही वजह है कि पैसे को आसानी से ठिकाने लगाने के लिए ग्राम पंचायतें इन दोनों स्टेप को चुनती हैं। जो कभी मानक के अनुरूप पूर्ण नहीं होती और दिखाई भी नहीं देती। बरखेड़ा की ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत पतरासा कुंवरपुर, कबूलपुर, शामिल है ।

रिपोर्ट :रामनिवास कुशवाह