Monday, 14 September 2026 | 10:11 PM
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कानपुर में तैनात CO ऋषिकांत शुक्ला निलंबित, विजिलेंस जांच के आदेश — 100 करोड़ की अवैध संपत्ति का मामला उजागर

कानपुर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 नवम्बर 2025 उत्तर प्रदेश शासन के गृह विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कानपुर नगर में तैनात तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) ऋषिकांत शुक्ला को आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के गंभीर आरोपों में निलंबित कर दिया है। शासन ने इस पूरे प्रकरण की जांच विजिलेंस
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कानपुर में तैनात CO ऋषिकांत शुक्ला निलंबित, विजिलेंस जांच के आदेश — 100 करोड़ की अवैध संपत्ति का मामला उजागर
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कानपुर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 नवम्बर 2025 उत्तर प्रदेश शासन के गृह विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कानपुर नगर में तैनात तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) ऋषिकांत शुक्ला को आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के गंभीर आरोपों में निलंबित कर दिया है। शासन ने इस पूरे प्रकरण की जांच विजिलेंस (SIT) को सौंपते हुए विस्तृत सत्यापन के निर्देश दिए हैं।

गृह विभाग द्वारा जारी आदेश (संख्या-3/छः-1-2025) के अनुसार, ऋषिकांत शुक्ला के खिलाफ 10 सितम्बर 2025 से 12 सितम्बर 2025 तक की अवधि में कानपुर पुलिस आयुक्तालय द्वारा प्रारंभिक जांच में भारी अनियमितताएं पाई गईं।

 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा

रिपोर्ट के अनुसार, डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला ने अपने परिवार और सहयोगियों के नाम पर कानपुर में लगभग 12 जमीनें, 11 दुकानें और कई आलीशान संपत्तियाँ अर्जित कीं।

जानकारी के मुताबिक, शुक्ला की यह संपत्ति मौजूदा बाजार मूल्य के अनुसार लगभग ₹100 करोड़ से अधिक आंकी जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने अखिलेश दुबे नामक व्यक्ति के साथ मिलकर अवैध तरीके से यह संपत्ति अर्जित की।

लंबा कार्यकाल और संदिग्ध संबंध

ऋषिकांत शुक्ला वर्ष 1998 में उप निरीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे और बाद में पदोन्नति पाकर डीएसपी (PPS) बने। उन्होंने अपने अधिकांश वर्ष कानपुर नगर में ही बिताए, जहां वे लगातार प्रभावशाली पदों पर तैनात रहे।

सूत्रों के अनुसार, उन्होंने प्रभावशाली व्यक्तियों से गठजोड़ कर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की और रियल एस्टेट में निवेश किया।

शासन का आदेश

गृह विभाग के सचिव आईएएस जगदीश द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि, “श्री ऋषिकांत शुक्ला, तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक, कानपुर नगर द्वारा पद के दुरुपयोग एवं अवैध रूप से अर्जित की गई अचल संपत्तियों के संबंध में सत्यापन के लिए विस्तृत विजिलेंस जांच की संस्तुति की जाती है।”

अब होगी विजिलेंस की गहन जांच

विजिलेंस टीम को यह जांच सौंपी गई है कि शुक्ला ने किन स्रोतों से इतनी भारी संपत्ति अर्जित की और इसमें कौन-कौन से सहयोगी या परिजन शामिल रहे। जांच पूरी होने तक उन्हें सेवा से निलंबित रखा जाएगा।

यह मामला पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। शासन का यह कदम न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि अब “पद का दुरुपयोग” किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।