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हाई हील का टशन बना सकता है गठिया का रोगी, सर्दियों में बढ़ जाते हैं मामले
हील वाले जूते लगातार पहनने से गठिया होने का खतरा बढ़ जाता है। एम्स के एक शोध में पता चला है कि ऊंची एड़ी की चप्पल या जूते पहनने वाली महिलाओं को गठिया का खतरा अधिक होता है। एम्स के रूमटालजी विभाग की प्रमुख प्रोफेसर उमा कुमार का कहना है कि लगातार ऊंची एड़ी की चप्पल पहनने से चाल और शरीर का संतुलन बिगड़ जात
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हील वाले जूते लगातार पहनने से गठिया होने का खतरा बढ़ जाता है। एम्स के एक शोध में पता चला है कि ऊंची एड़ी की चप्पल या जूते पहनने वाली महिलाओं को गठिया का खतरा अधिक होता है। एम्स के रूमटालजी विभाग की प्रमुख प्रोफेसर उमा कुमार का कहना है कि लगातार ऊंची एड़ी की चप्पल पहनने से चाल और शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। पैर की अंगुलियों से लेकर रीढ़ की हड्डी तक प्रभाव पड़ता है। ध्यान नहीं देने पर पंजों, पांव में लगातार दर्द, नसों में खिचाव, कमर दर्द, पीठ दर्द और घुटनों में दर्द की समस्या सामने आने लगती हैं।
वजन घटने पर राहत
मेट्रो हॉस्पिटल एवं हृदय संस्थान के रूमटालजी विभाग की वरिष्ठ डॉक्टर किरन सेठ ने बताया कि गठिया के दर्द से परेशान लोगों को वजन नियंत्रित करने पर ध्यान देना चाहिए। एक किलो वजन कम होने पर घुटनों पर तीन गुना कम असर पड़ता है।
सर्दियों में बढ़ जाते हैं मामले
दुनिया की 22 से 33 फीसदी आबादी जोड़ व मांशपेशियों की बीमारी से पीड़ित हैं। प्रोफेसर उमा कुमार का कहना है कि सर्दियों में गठिया के मामले में 20 से 30 फीसदी तक वृद्धि होती है।
लक्षण
- जोड़ों में सूजन और दर्द
- लंबे समय तक बुखार
- मुंह और आंख में सूखापन
- थूक या कफ के साथ खून आना
बचाव
- पौष्टिक आहार का सेवन
- सूर्य की रोशनी में रहना
- ज्यादा चीनी और नमक से परहेज
- मोटापे पर नियंत्रण रखना।