Monday, 14 September 2026 | 10:08 PM
UP News

गौतमबुद्ध नगर: नोएडा अथॉरिटी ने प्लॉट्स की नीलामी के नियम किए सख्त

गौतमबुद्ध नगर: नोएडा अथॉरिटी ने प्लॉट्स की नीलामी के नियम किए सख्त नोएडा अथॉरिटी ने भूखंडों का आवंटन नीलामी के जरिए करना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों शहर में आवासीय भूखंडों की नीलामी की गई। जिसमें कई लोगों ने अप्रत्याशित रूप से बड़ी-बड़ी बोलिया लगाई हैं। मसलन, एक 450 वर्गमीटर के भूखंड के लिए तो 100
Share:
गौतमबुद्ध नगर: नोएडा अथॉरिटी ने प्लॉट्स की नीलामी के नियम किए सख्त
Read in your preferred language.

गौतमबुद्ध नगर: नोएडा अथॉरिटी ने प्लॉट्स की नीलामी के नियम किए सख्त

नोएडा अथॉरिटी ने भूखंडों का आवंटन नीलामी के जरिए करना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों शहर में आवासीय भूखंडों की नीलामी की गई। जिसमें कई लोगों ने अप्रत्याशित रूप से बड़ी-बड़ी बोलिया लगाई हैं। मसलन, एक 450 वर्गमीटर के भूखंड के लिए तो 100 करोड रुपए से ज्यादा बड़ी बोली लगाई। बाद में तकनीकी गलती का बहाना बनाकर प्लॉट खरीदने से इंकार कर दिया। अब ऐसे मामलों में ई-नीलामी की व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। इससे जुड़े प्रस्ताव शनिवार को नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में पास किए गए हैं।

फर्जी बोली लगाने वालों की पूरी धरोहर राशि जब्त होगी
नोएडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी महेश्वरी ने कहा, "अब नोएडा प्राधिकरण अपनी परिसंपत्तियों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से कर रहा है। जिसमें जनसामान्य उत्साहजनक रूप से भाग ले रहा है। परंतु ऐसे प्रकरण भी सामने आए हैं, जिनमें भूखंडों के सापेक्ष बोली लगाने वालों ने अप्रत्याशित रूप से अधिक और अव्यवहारिक धनराशि की बोलियां लगाई हैं। बाद में धनराशि जमा करने से इंकार कर दिया। इन अप्रासंगिक, तर्कहीन, शरारतपूर्ण और दूषित मानसिकता से लगाई गई बोलियों से अन्य आवेदकों के अवसर समाप्त हुए हैं।"

पूरा पैसा जमा करने में बाद सरेंडर एप्लिकेशन स्वीकार नहीं होगा
रितु महेश्वरी ने आगे कहा, "भविष्य की योजनाओं में इस तरह की अव्यवहारिक और अप्रत्याशित ऊंची बोलियों को हतोत्साहित किया जाएगा। गंभीर आवेदकों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस तरह के आवेदकों की धरोहर या पंजीकरण राशि को 100% जब्त कर लिया जाएगा। इसके अलावा और कई बदलाव किए गए हैं। मतलब, परिसंपत्ति में आवेदक जो पेमेंट प्लान चयनित करेगा, उसके अनुसार निर्धारित समयावधि में भूखंड समर्पण का आवेदन कर सकता है।" सीईओ ने कहा कि समय सीमा बीतने के बाद सरेंडर एप्लीकेशन स्वीकार नहीं की जाएंगी। ऐसे प्रत्येक मामले में न्यूनतम 30% धनराशि की कटौती की जाएगी। आवंटित भूखंड के सापेक्ष पूर्ण धनराशि जमा करने के बाद प्लॉट का सरेंडर एप्लीकेशन स्वीकार नहीं किया जाएगा।"