Monday, 14 September 2026 | 9:21 PM
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फर्रुखाबाद:फंगल और बैक्टीरियल इनफेक्शन को कभी भी ना करें नजरअंदाज- डॉ गुप्ता

फर्रुखाबाद बारिश की फुहारें और सुहावना मौसम लाने वाला मानसून त्वचा संबंधी कई बीमारियां भी साथ लेकर आता हैं। बारिश के दिनों में नमी काफी बढ़ जाती हैं ।जिसकी वजह से फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन व स्किन एलर्जी होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए मानसून के मौसम में त्वचा का अच्छे से ख्याल रखना बहुत जरुरी है
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फर्रुखाबाद:फंगल और बैक्टीरियल इनफेक्शन को कभी भी ना करें नजरअंदाज- डॉ गुप्ता
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फर्रुखाबाद बारिश की फुहारें और सुहावना मौसम लाने वाला मानसून त्वचा संबंधी कई बीमारियां भी साथ लेकर आता हैं। बारिश के दिनों में नमी काफी बढ़ जाती हैं ।जिसकी वजह से फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन व स्किन एलर्जी होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए मानसून के मौसम में त्वचा का अच्छे से ख्याल रखना बहुत जरुरी हैं। किसी भी तरह की लापरवाही से इंफेक्शन और त्वचा रोग संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं यह कहना हैं सिविल अस्पताल लिंजीगंज में तैनात मेडिकल आफिसर डॉ ऋषि नाथ गुप्ता का |
डॉ गुप्ता कहते हैं कि गर्मी के बाद बारिश के मौसम में त्वचा को आराम जरूर मिलता है।लेकिन नमी और उमस भरा यह मौसम रोम छिद्रों को बंद कर देता है। जो त्वचा संबंधी कई बीमारियों की वजह बनता है। बरसात में सबसे सामान्य समस्या दाद है।जो अक्सर गीले कपड़ों और पसीने के कारण होती है। फंगल इंफेक्शन, पैर की अगुलियों में इंफेक्शन, मुंहासे और एक्जिमा इस मौसम में त्वचा की प्रमुख बीमारियां हैं। इनमें खुजली, सूजन, चकत्ते, दर्द आदि की समस्या होती है।
उन्होंने बताया कि इन परेशानियों से बचने के लिए कुछ सामान्य तरीकों को अपना कर आप अपनी त्वचा की देखभाल करने के साथ ही इन सभी परेशानियों से बच सकते हैं। गर्मी और उमस भरे मौसम में हल्के रंग के और कॉटन के ढीले कपड़े पहनें। कपड़े साफ-सुथरे हों। धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
घमोरिया:- लाल रंग के दाने में उत्पन्न होने वाली यह समस्या पसीने से होती है, जिससे रोम छिद्र बंद हो जाते हैं। घमोरिया खत्म होने में कुछ दिन लगते हैं। खुजा लेने से इनका इंफेक्शन बढ़ता है, इसलिए कोशिश करें हल्के कॉटन या लिनन के कपड़े पहनें खुजली आने पर कैलेमाइन लोशन का इस्तेमाल करें।
नेल इंफेक्शनः- बारिश के मौसम में कई बार नेल इंफेक्शन हो जाता है। ऐसे में हमारे नाखून सुस्त और फीके दिखाई देते हैं। बड़े नाखून रखने से बचें, क्योंकि इस सीजन में नाखून में गंदगी बैठती है, जिससे फंगल इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी समस्या होने पर एंटी-फंगल क्रीम या पाउडर का इस्तेमाल करें
सोराइसिस : ऐसे में स्किन पर लाल रंग के धब्बे पड़ने के साथ ही खुजली की भी समस्या हो जाती है। इस मौसम में में ऐलोवेरा, त्वचा पर उत्पन्न होने वाले इंफेक्शन के लिए काफी लाभकारी होता है। इसके अलावा आप घर पर बेसन, दूध और गुलाब जल का मिश्रण तैयार कर प्रयोग में ला सकते हैं। नहाते समय एंटी-बैक्टीरियल साबुन, फेस वॉश और टैलकम पाउडर का ही इस्तेमाल करें।
एथलीट फुट : पैरों में फिट न आने वाले जूते पहनने से कई बार फंगल इंफेक्शन हो जाता है। बारिश के मौसम में प्लास्टिक, लेदर या कैनवस जूते पहनने से बचें। इनकी जगह चप्पल या फ्लिप -फ्लॉप पहनना ट्राई करें, जिससे आपके पैरों को हवा लग सके। पैरों को साफ और सूखा रखें और धुले हुए कॉटन के मोजें पहनें।

फर्रुखाबाद: संवाददाता धर्मवीर सिंह