Monday, 14 September 2026 | 10:09 PM
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हिमाचल से नहीं टला खतरा, 100 से अधिक सड़कें बंद, फिर आ सकती है बाढ़?

हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ और राज्य में 100 से अधिक सड़कें बंद हो गईं। मौसम विभाग ने 10 अगस्त को राज्य के अलग-अलग स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश, गरज के साथ छींटे पड़ने और बिजली गिरने का 'ऑरेन्ज अलर्ट' जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कांगड़ा, सिरमौर,
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हिमाचल से नहीं टला खतरा, 100 से अधिक सड़कें बंद, फिर आ सकती है बाढ़?
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हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ और राज्य में 100 से अधिक सड़कें बंद हो गईं। मौसम विभाग ने 10 अगस्त को राज्य के अलग-अलग स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश, गरज के साथ छींटे पड़ने और बिजली गिरने का 'ऑरेन्ज अलर्ट' जारी किया है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कांगड़ा, सिरमौर, चंबा, शिमला, कुल्लू, किन्नौर, सोलन और मंडी जिलों के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बाढ़ की चेतावनी भी दी है। आपको बता दें कि शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों में 31 जुलाई की मध्य रात्रि को बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है। वहीं कुल्लू के निरमंड, सैंज और मलाणा, मंडी के पधर और शिमला के रामपुर में अचानक बाढ़ आने की खबर है। सबसे अधिक प्रभावित रामपुर उपमंडल के सरपारा पंचायत के अंतर्गत आने वाला समेज गांव है। यहां लगभग 25 लोग लापता हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मंडी में 37, शिमला में 29, कुल्लू में 26, कांगड़ा में छह, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में चार-चार, सिरमौर में दो और हमीरपुर में एक सहित कुल 109 सड़कें बंद हैं। अगले पांच से छह दिनों के दौरान मानसून की गतिविधि की तीव्रता और प्रभाव क्षेत्र में वृद्धि होने की आशंका है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका के बारे में भी चेतावनी दी है। विभाग ने निचले इलाकों में तेज हवाओं और जलभराव के कारण बागानों, फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई है।