Monday, 14 September 2026 | 9:18 PM
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बरेली-: हिंसा विरोध में परशुराम सेना ने सौंपा ज्ञापन

बरेली-: परशुराम सेना बरेली उत्तर प्रदेश द्वारा दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर माo गृहमंत्री संबोधित एक ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा.आज समस्त परशुराम सेना सेठ दामोदर पार्क में एकत्र होकर परशुराम सेना प्रदेश प्रमुख अर्जुन गुप्ता के नेतृत्व में जिला कार्यालय बरेली तक पैदल मार्च कर गृहमंत्री माo अमित शाह सं
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बरेली-: परशुराम सेना बरेली उत्तर प्रदेश द्वारा दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर माo गृहमंत्री संबोधित एक ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा.आज समस्त परशुराम सेना सेठ दामोदर पार्क में एकत्र होकर परशुराम सेना प्रदेश प्रमुख अर्जुन गुप्ता के नेतृत्व में जिला कार्यालय बरेली तक पैदल मार्च कर गृहमंत्री माo अमित शाह संबोधित एक ज्ञापन मजिस्ट्रेट को दिया. जिसमें मुख्य रुप से तिरंगे को अपमानित करने वाले प्रदर्शनकारी को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की गई है. साथ ही दिल्ली पुलिस को विशेष अधिकार देकर पूर्ण शक्ति से ऐसे प्रदर्शनकारियों से निपटने की स्वतंत्र अधिकार देने व सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी के साथ हुई हिंसक झड़प में घायल सुरक्षाकर्मियों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है. ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि यदि प्रदर्शनकारी तिरंगे का अपमान इसी प्रकार करेगा तो देश की छवि धूमिल होगी. ऐसे प्रदर्शनकारी को मृत्युदंड के सिवा अन्य किसी प्रकार का दंड मान्य नहीं होगा. इसी के साथ प्रदेश प्रमुख अर्जुन गुप्ता बताया यदि सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों पर ही इसी प्रकार की बर्बरता मारपीट होगी तो देश के जवानों का मनोबल टूटेगा. किसान एक तरफ जय जवान जय किसान का नारा लगाता है दूसरी तरफ उसी जवान को लाठी-डंडों से पीटता है या किस प्रकार की बर्बरता है जो जय जवान जय किसान को बांटने का काम कर रहा है. इसे परशुराम सेना कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. परशुराम सेना प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन गुप्ता ने इसी के साथ बताया कि प्रदर्शनकारियों में किसान नेता नहीं नजर आए जबकि खालिस्तानी समर्थक को जरूर देखा जा सकता है, जो इस प्रकार बर्बरता कर देश का अपमान कर रहा है. यह किसान नहीं हो सकता. यदि किसान होता तो तिरंगे का अपमान नहीं करता ना ही उन जवानों के साथ मारपीट करता जो देश की सुरक्षा में तैनात है. वह भी किसी किसान का ही बेटा होता है . जिसका नारा ही जय जवान जय किसान होता है. इस प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि यहा प्रदर्शन किसी किसान नेता द्वारा संचालित नहीं किया गया अपितु खालिस्तानी द्वारा या पाकिस्तानी द्वारा संचालित किया गया हो. परशुराम सेना भारत सरकार से मांग करती है कि इसकी जांच उच्च स्तरीय की जाए. जिससे स्पष्ट हो सके कि प्रदर्शन में खालिस्तानी या पाकिस्तानी का हाथ तो नहीं. भविष्य में देश को ऐसे प्रदर्शनकारियों से गंभीर खतरा बना हुआ है. मुख्य रूप से सम्मिलित के के शंखधार, माला गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, आकाश चौहान, दिनेश गुप्ता, शिवम पंडित, विकास झा,पवन कुमार,सत्येंद्र मौर्य, मुकेश तिवारी, आशीष सिंह, आदि लोग शामिल रहे.