Monday, 14 September 2026 | 9:25 PM
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बहराइच: अपराध का अंत, सुबूतों के संग– 20 कार्य दिवस में सुना गया फैसला

बहराइच:(द दस्तक 24 न्यूज़) 24 सितम्बर 2025 उत्तर प्रदेश पुलिस ने नाबालिग बच्चियों के अपहरण और यौन शोषण के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई और सशक्त पैरवी के बल पर अपराधी को आजीवन कारावास की सजा दिलवाकर मिसाल कायम की है। घटना का खुलासा दिनांक 28 जून 2025 को बहराइच जनपद में एक नाबालिग बच्ची के अपहरण का
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बहराइच: अपराध का अंत, सुबूतों के संग– 20 कार्य दिवस में सुना गया फैसला
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बहराइच:(द दस्तक 24 न्यूज़) 24 सितम्बर 2025 उत्तर प्रदेश पुलिस ने नाबालिग बच्चियों के अपहरण और यौन शोषण के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई और सशक्त पैरवी के बल पर अपराधी को आजीवन कारावास की सजा दिलवाकर मिसाल कायम की है।

घटना का खुलासा

दिनांक 28 जून 2025 को बहराइच जनपद में एक नाबालिग बच्ची के अपहरण का मामला दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि इससे पहले भी 15 जून, 25 जून, 28 जून और 3 जुलाई 2025 को 5 से 8 साल की मासूम बच्चियां अचानक गायब हो गई थीं, हालांकि वे उसी दिन बरामद हो गई थीं।

लगातार बच्चियों के लापता होने की घटनाओं ने पुलिस-प्रशासन को सतर्क कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बहराइच ने तत्काल प्रभाव से महिला क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में 05 टीमों का गठन किया।

मासूमों ने खोली पोल

महिला क्षेत्राधिकारी मिहीपुरवा ने अत्यधिक संवेदनशीलता और समझदारी के साथ पीड़ित बच्चियों से बातचीत की। उनकी वार्ता से यह खुलासा हुआ कि एक व्यक्ति बच्चियों को बहला-फुसलाकर ले जाता था और उनका शारीरिक शोषण करता था।

बच्चियों के बयान और तैयार किए गए स्केच के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपने अपराध स्वीकार किए और खुलासा किया कि उसने अब तक चार नाबालिग बच्चियों के साथ यौन शोषण किया था।

त्वरित न्याय की ओर कदम

गंभीर अपराध को देखते हुए आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी की गई। 09 अगस्त 2025 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस व अभियोजन पक्ष ने मा० न्यायालय से फास्ट ट्रैक ट्रायल की मांग करते हुए प्रभावी पैरवी की।

ऐतिहासिक फैसला – सिर्फ 20 कार्य दिवस में न्याय

प्रभावी पैरवी और ठोस सुबूतों के चलते न्यायालय ने इस सीरियल रेपिस्ट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अभियुक्त पर ₹1,60,000/- का अर्थदंड भी लगाया गया। खास बात यह रही कि यह फैसला महज 20 कार्य दिवस में सुनाया गया, जो न्यायिक प्रक्रिया में त्वरित न्याय का अनूठा उदाहरण है।

मिशन शक्ति के तहत बड़ी सफलता

यह मामला #MissionShakti5 अभियान के तहत महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और अभियोजन की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और सशक्त पैरवी ने एक बड़े अपराधी को कड़ी सजा दिलाकर समाज में यह संदेश दिया है कि मासूमों और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।