Monday, 14 September 2026 | 9:26 PM
UP News

16 साल की बेटी ने की आत्महत्या तो मां-बाप ने पैसों के लिए लाश को ही बेच दिया

भारत में ऐसी मान्यता है कि पालने वाले माता-पिता का दर्जा किसी तरह से जीवन देने वाले मां-बाप से कम नहीं होता है. हालांकि, चीन में एक कपल ने अपनी गोद ली हई बेटी की लाश को ही पैसों के लिए बेच दिया. पुलिस को जब जानकारी मिली तो कपल के पास से 66,000 युआन (करीब 7.88 लाख रुपये) मिले. इसके बावजूद पुलिस ने को
Share:
16 साल की बेटी ने की आत्महत्या तो मां-बाप ने पैसों के लिए लाश को ही बेच दिया
Read in your preferred language.

भारत में ऐसी मान्यता है कि पालने वाले माता-पिता का दर्जा किसी तरह से जीवन देने वाले मां-बाप से कम नहीं होता है. हालांकि, चीन में एक कपल ने अपनी गोद ली हई बेटी की लाश को ही पैसों के लिए बेच दिया. पुलिस को जब जानकारी मिली तो कपल के पास से 66,000 युआन (करीब 7.88 लाख रुपये) मिले. इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि इसके पीछे 3,000 साल पुरानी मान्यता है. दरअसल चीन में घोस्ट मैरिज की परंपरा है जिसमें लाश की शादी कराई जाती है. इससे माना जाता है कि बुरी आत्माएं लाश से शादी करने वाले शख्स के आसपास नहीं आएंगी. हालांकि, यह प्रचलन देश के कुछ ग्रामीण हिस्सों में ही है. चीन के शुआंग प्रांत में रहने वाले एक शख्स ने पुलिस से अपनी बेटी की लाश बेचने की शिकायत की थी. पुलिस ने जब आरोपी कपल के घर की तलाशी ली तो उनके पास से 66,000 युआन मिले लेकिन जांच टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की. दूसरी ओर शिकायतकर्ता का कहना है कि 16 साल पहले उन्होंने अपनी बेटी कपल को गोद दी थी क्योंकि वह पहले से दो बच्चों के पैरेंट्स थे और तीसरे बच्चे की परवरिश नहीं कर सकते थे

मृतक किशोरी के बायलॉजिकल पिता ने फॉस्टर पैरेंट्स (पालक माता-पिता) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शख्स का कहना है कि वह रिश्तेदार बनकर अपनी बेटी का हालचाल लेने आते थे. उनकी बेटी ने बताया था कि परिवार उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता है और इस वजह से वह बहुत परेशान रहती थी. किशोरी ने पिछले दिनों छत से कूदकर आत्महत्या कर ली. इसके बाद कानूनी माता-पिता ने घोस्ट मैरिज के लिए उसकी लाश को बेच दिया था.

क्या है घोस्ट मैरिज
चीन के ग्रामीण हिस्सों में 3,000 साल से पुरानी प्रथा है. मान्यता है कि अगर बिना शादी के किसी की मौत हो जाए, तो मरने के बाद वो अपने रिश्तेदारों को परेशान करता है. ऐसे में उसके शव की शादी किसी से करा दी जाती है. ऐसे में जिस शख्स की शादी लाश के साथ होती है उसके आसपास बुरी आत्माएं नहीं फटकतीं और मृतक भी अपने रिश्तेदारों को परेशान नहीं करता है. हालांकि, अब इस प्रथा का चलन पहले की तुलना में काफी कम हो गया है.