नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 अगस्त 2025 राजधानी में आयोजित दो दिवसीय वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की। इस कार्यक्रम का शुभारंभ देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हुआ।
कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिव, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, मिजोरम सहित उत्तर प्रदेश के अफसरों ने हिस्सा लिया। सुरक्षा बलों—आईटीबीपी, एसएसबी, असम राइफल्स, सेना और बीएसएफ—के महानिदेशक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश से शामिल प्रमुख अधिकारी:
IAS दीपक कुमार, मुख्य सचिव
IAS ज्ञानेंद्र सिंह, DM पीलीभीत
IAS अजय कुमार द्विवेदी, DM श्रावस्ती
IAS मुकेश चंद्रा, CDO बहराइच
IAS बलराम सिंह, CDO सिद्धार्थनगर
IAS अनुराग जैन, CDM महाराजगंज
IPS अमित पाठक
कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना, पलायन रोकना और स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। साथ ही इन गांवों को सीमा सुरक्षा बलों के “आँख और कान” के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।
कॉन्फ्रेंस में यह तय किया गया कि सीमा पर बसे गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क व अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीणों के लिए रोज़गार और आजीविका के अवसर भी सृजित किए जाएंगे ताकि पलायन रोका जा सके और लोग अपने गांवों में सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी सकें।
