नई दिल्ली:सरकार ने ‘संचार साथी’ ऐप का प्री-इंस्टॉलेशन आदेश वापस लिया, जानें क्या है वजह।

नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 दिसम्बर 2025 केंद्र सरकार ने देश में बिकने वाले सभी नए स्मार्टफोन्स पर ‘संचार साथी’ (Sanchar Saathi) ऐप को पहले से इंस्टॉल करने की अनिवार्यता को वापस ले लिया है। यह फैसला उन सभी मोबाइल निर्माताओं पर लागू होगा, जिनमें Apple जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं।

क्या था आदेश?

कुछ दिन पहले सरकार ने निर्देश जारी किया था कि भारत में बिकने वाले सभी नए स्मार्टफोन्स में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘संचार साथी’ ऐप प्री-इंस्टॉल किया जाए, ताकि उपभोक्ता फोन ट्रैकिंग, सिम कार्ड सत्यापन और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव जैसे फीचर्स का आसानी से लाभ उठा सकें।

क्यों लिया फैसला वापस?

सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ‘संचार साथी’ ऐप को डाउनलोड करने वाले उपयोगकर्ताओं की संख्या में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है। बढ़ती जागरूकता और स्वैच्छिक डाउनलोड के चलते सरकार ने अनिवार्यता को हटाने का निर्णय लिया। इसका मतलब है कि अब उपभोक्ता अपनी इच्छा से इस ऐप को डाउनलोड कर सकेंगे और इसका उपयोग कर पाएंगे।

सरकार की मंशा क्या है?

सरकार का उद्देश्य नागरिकों को साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरों से बचाना और मोबाइल फ्रॉड की घटनाओं को कम करना है। ‘संचार साथी’ ऐप में खोए हुए फोन को ब्लॉक/अनब्लॉक करना, फर्जी सिम की पहचान करना और डिजिटल सुरक्षा को बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण फीचर्स हैं।

उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला?

अब नए स्मार्टफोन्स में यह ऐप पहले से इंस्टॉल नहीं मिलेगा।यूज़र्स चाहें तो Play Store/ App Store से इसे डाउनलोड कर सकते हैं। मोबाइल कंपनियों पर ऐप इंस्टॉल करने का कोई दबाव नहीं रहेगा।

निष्कर्ष

सरकार का यह कदम उपभोक्ता स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए लिया गया निर्णय माना जा रहा है। ऐप के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ सरकार उम्मीद कर रही है कि लोग स्वयं साइबर सुरक्षा के इन उपायों का लाभ उठाएंगे।

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