नई दिल्ली(:(द दस्तक 24 न्यूज़) 10 अगस्त 2025 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि ये दोनों क्षेत्र, जो कभी सेवा का माध्यम माने जाते थे, अब व्यवसायिक रूप धारण कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आज के समय में न तो स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती हैं और न ही शिक्षा, और यह स्थिति आम जनता के लिए चिंता का विषय है।
भागवत ने कहा— “स्वास्थ्य और शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और पहले इन्हें सेवा माना जाता था, लेकिन अब दोनों आम लोगों की पहुंच से बाहर हैं, दोनों का व्यवसायीकरण हो गया है। ये न तो सस्ती हैं और न ही सुलभ।”
व्यवस्था पर सीधा सवाल
आरएसएस प्रमुख का यह बयान न केवल समाज की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है, बल्कि यह अप्रत्यक्ष रूप से सरकार और नीति-निर्माताओं पर भी सवाल खड़ा करता है कि आखिर क्यों इन बुनियादी सेवाओं तक आम नागरिक की पहुंच मुश्किल होती जा रही है।
शिक्षा का महंगा होता चेहरा
पिछले एक दशक में निजी स्कूलों और कॉलेजों की फीस में कई गुना इजाफा हुआ है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तो स्थिति और गंभीर है, जहां नामी विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाना आज भी एक सपना बना हुआ है।
स्वास्थ्य सेवा इलाज से पहले महंगाई का डर
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी हालत अलग नहीं हैं। निजी अस्पतालों की महंगी फीस, दवाइयों के बढ़ते दाम और इलाज में भारी खर्च के कारण आम लोग इलाज कराने से पहले ही घबरा जाते हैं। सरकारी अस्पतालों में भीड़ और संसाधनों की कमी के चलते वहां इलाज कराना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
भागवत का संदेश सेवा भाव की वापसी जरूरी
मोहन भागवत ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा को लाभ कमाने का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम मानने की पुरानी परंपरा को वापस लाना होगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि इन क्षेत्रों में सेवा भाव और समान अवसर की भावना को बढ़ावा दें।
राजनीतिक हलचल की संभावना
आरएसएस प्रमुख का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सरकारें स्वास्थ्य और शिक्षा सुधार के दावे कर रही हैं। भागवत की टिप्पणी को राजनीतिक गलियारों में “व्यवस्था पर सीधी चोट” के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो सकती हैं।
