नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 अगस्त 2025 भारतीय डाक विभाग ने एक चौंकाने वाला निर्णय लेते हुए अपनी 50 वर्षों से भी अधिक पुरानी रजिस्ट्री सेवा (Registered Post) को 1 सितंबर 2025 से पूरी तरह बंद करने की घोषणा कर दी है। यह सेवा वर्षों से आम जनता, सरकारी विभागों, न्यायालयों और संस्थानों के लिए एक विश्वसनीय और किफायती माध्यम रही है, लेकिन अब इसे इतिहास का हिस्सा बना दिया जाएगा।
🛑 क्यों बंद की जा रही है रजिस्ट्री सेवा?
डाक विभाग ने रजिस्ट्री सेवा को बंद करने का कारण मैन पावर (जनशक्ति) की कमी और तकनीकी बदलावों की आवश्यकता बताया है। विभाग के अनुसार अब संसाधनों को स्पीड पोस्ट जैसी तेज और ट्रैक करने योग्य सेवाओं पर केंद्रित किया जाएगा।
📦 क्या होगा अब विकल्प?
रजिस्ट्री सेवा बंद होने के बाद उपभोक्ताओं को अब अपने दस्तावेज़ या पार्सल भेजने के लिए केवल Speed Post का विकल्प चुनना होगा। हालांकि स्पीड पोस्ट की दरें रजिस्ट्री की तुलना में कुछ अधिक होती हैं, लेकिन डाक विभाग का दावा है कि यह सेवा ज्यादा सुरक्षित, तेज़ और ट्रैक करने योग्य है।
📉 क्या होगा असर?
न्यायिक प्रक्रिया में बाधा: न्यायालयों में दस्तावेज़ भेजने के लिए रजिस्ट्री एक अनिवार्य माध्यम थी। सरकारी और अर्धसरकारी पत्राचार पर असर पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग, जो रजिस्ट्री को प्राथमिकता देते थे, अब अधिक कीमत चुकाने पर मजबूर होंगे।सस्ती सेवाओं के विकल्प कम होंगे, जिससे आमजन को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ सकता है।
🗣️ जनता और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया:
इस फैसले के विरोध में कई सामाजिक संगठनों और उपभोक्ता मंचों ने आशंका जताई है कि यह कदम आम लोगों के लिए सुविधा से अधिक असुविधा पैदा करेगा। डिजिटल माध्यमों के युग में भी भरोसेमंद और दस्तावेज़ीय साक्ष्य देने वाली सेवाओं की जरूरत बरकरार है।
📌 निष्कर्ष:
रजिस्ट्री सेवा को बंद करना केवल एक डाक सेवा की समाप्ति नहीं है, बल्कि यह एक संवेदनशील परंपरा और भरोसे का अंत है। अब देखना यह होगा कि डाक विभाग स्पीड पोस्ट को कितनी व्यापक और सुलभ बनाता है ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो।
📮 क्या आपने रजिस्ट्री का आखिरी उपयोग कर लिया है?
1 सितंबर से पहले यदि आपको किसी जरूरी दस्तावेज़ को रजिस्ट्री द्वारा भेजना है, तो अब आपके पास सीमित समय है।
