नई दिल्ली:आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़: दिल्ली में नकली ENO बनाने वाली फैक्ट्री का बड़ा खुलासा!

नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 अक्टूबर 2025 राजधानी दिल्ली में आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने नकली ENO बनाने वाली एक बड़ी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। यह फैक्ट्री लंबे समय से चल रही थी और अब तक हजारों की संख्या में नकली सैशे बाजार में बेचे जा चुके हैं।

गिरफ्तार आरोपी:

संदीप जैन (45 वर्ष), जितेंद्र उर्फ छोटू (23 वर्ष), मूल निवासी – सीतापुर, उत्तर प्रदेश

बरामदगी में शामिल:

91,257 नकली ENO सैशे, 80 किलो नकली ENO तैयार करने का कच्चा माल, 13.080 किलो ENO मार्क प्रिंटेड रोल, 54,780 ENO मार्क स्टिकर, 2,100 अप्रयुक्त ENO मार्क पैकेट, सैशे भरने और पैकिंग की मशीन

पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी ब्रांडेड कंपनी ENO के नाम पर नकली उत्पाद तैयार कर मार्केट में सप्लाई कर रहे थे। यह नकली पाउडर असली ENO जैसी पैकिंग में बेचा जा रहा था, जिससे आम उपभोक्ता इसे पहचान नहीं पा रहे थे।

जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह नेटवर्क केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान तक फैले हो सकते हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह अवैध फैक्ट्री इब्राहिमपुर इलाके में चल रही थी। हैरानी की बात यह है कि राजधानी जैसी संवेदनशील जगह पर इतने बड़े पैमाने पर नकली दवा निर्माण का काम महीनों तक चलता रहा, और किसी एजेंसी को भनक तक नहीं लगी।

यह मामला न केवल उपभोक्ता सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है, बल्कि उन नियामक एजेंसियों पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है जिनका दायित्व ऐसे उत्पादों की निगरानी करना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नकली औषधियों का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है। इसमें प्रयोग किए गए रासायनिक तत्व शरीर पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकते हैं।

अब सवाल यह है:

दिल्ली में इतनी बड़ी मात्रा में नकली ENO बनाने वाली फैक्ट्री कब से चल रही थी?

कितने लोग इस झांसे में आ चुके हैं?

और आखिर नियामक एजेंसियों की निगरानी व्यवस्था क्यों फेल हुई?

जांच जारी है, लेकिन यह घटना साफ़ बताती है कि बाजार में बिकने वाले हर ब्रांडेड उत्पाद पर आंख मूंदकर भरोसा करना अब जोखिम भरा हो गया है।