नई दिल्ली: नए CJI सूर्यकांत ने संभाला कार्यभार, सुप्रीम कोर्ट में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 24 नवंबर 2025 देश के सर्वोच्च न्यायालय में आज एक महत्वपूर्ण अवसर दर्ज हुआ, जब माननीय 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट परिसर में स्थापित संविधान निर्माता भारतरत्न डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा व सम्मान प्रकट किया।

नए मुख्य न्यायाधीश द्वारा बाबा साहब को नमन करना महज एक परंपरा नहीं, बल्कि भारतीय संविधान की आत्मा—न्याय, समानता व स्वतंत्रता—के प्रति सम्मान का सशक्त संदेश माना जा रहा है। उनकी यह पहल संविधान निर्माता के आदर्शों के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है।

संविधान और न्याय के मूल्यों का सम्मान

CJI सूर्यकांत का यह कदम सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और अधिकारों की रक्षा के प्रति गहरी निष्ठा का प्रतीक माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में कार्यभार ग्रहण करते ही बाबा साहब की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देना उन सिद्धांतों की याद दिलाता है, जिनके आधार पर भारत का लोकतंत्र खड़ा है—समानता और सामाजिक न्याय का संकल्प, न्याय सबके लिए, बिना भेदभाव के संवैधानिक मर्यादा और लोकतांत्रिक नैतिकता का पालन

देशभर में प्रशंसा

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की इस प्रतीकात्मक और प्रेरणादायी शुरुआत की व्यापक सराहना हो रही है। सोशल मीडिया से लेकर न्यायिक समुदाय तक, इसे उस सोच की मजबूती माना जा रहा है जिसमें न्यायपालिका संविधान की बुनियादी भावना को सर्वोपरि रखती है।

डॉ. अम्बेडकर के प्रति यह श्रद्धांजलि नए न्यायिक अध्याय की शुरुआत को भी दर्शाती है—जहाँ न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।