नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 02 नवंबर 2025 को ₹2000 के नोटों को बंद किए जाने के तीन साल से भी ज्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन अब भी लोग इन नोटों को लौटाने के बजाय अपने पास दबाए बैठे हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक 31 अक्टूबर 2025 तक ₹5,817 करोड़ मूल्य के ₹2000 के नोट अब भी प्रचलन से बाहर होने के बावजूद लोगों के पास हैं।
🔹 19 मई 2023 को हुआ था ऐलान
RBI ने 19 मई 2023 को ₹2000 के नोटों को सर्कुलेशन से हटाने की घोषणा की थी। केंद्रीय बैंक ने जनता को पुराने नोट बैंकों में जमा करने या बदलने के लिए कई बार समय-सीमा दी थी। शुरुआत में यह प्रक्रिया 30 सितंबर 2023 तक तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाया भी गया।
🔹 नोट वापसी की रफ्तार थमी, लेकिन रकम अभी भी बड़ी
अधिकांश लोगों ने 2023 के अंत तक अपने ₹2000 के नोट बैंकों में जमा करा दिए थे। फिर भी RBI के आंकड़े बताते हैं कि ₹5,817 करोड़ की रकम अब भी वापस नहीं आई है।
अगर इसे देश की 140 करोड़ आबादी के हिसाब से देखा जाए, तो हर 50 में से 1 व्यक्ति के पास औसतन एक ₹2000 का नोट हो सकता है। यह गणना कुल लगभग 2.8 करोड़ लोगों तक पहुंचती है — जो RBI के आंकड़ों से लगभग मेल खाती है।
🔹 क्या अब भी बदले जा सकते हैं ₹2000 के नोट?
RBI के नियमों के मुताबिक, ₹2000 के नोट अब सामान्य बैंकों में नहीं बदले जा सकते, लेकिन धारक इन्हें रिज़र्व बैंक के 19 कार्यालयों में जाकर जमा करा सकते हैं या खाता ट्रांसफर करा सकते हैं।
🔹 क्यों लोग दबाए बैठे हैं ₹2000 के नोट?
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, अब भी कुछ लोगों ने ये नोट ‘आपातकालीन बचत’ या ‘अनअकाउंटेड कैश’ के रूप में छिपाकर रखे हैं। कई लोगों ने नोटबंदी जैसी पिछली परिस्थितियों से सबक लेते हुए इन्हें “काले धन” की शक्ल में भी सुरक्षित रखा है।
🔹 RBI की सख्ती और जनता के लिए संदेश
RBI बार-बार यह स्पष्ट कर चुका है कि ₹2000 के नोटों का वैध चलन (Legal Tender) दर्जा बरकरार है, लेकिन बाज़ार में उनका लेनदेन स्वीकार्य नहीं है। इसलिए जो लोग अभी भी इन नोटों को अपने पास रखे हैं, उनके लिए बेहतर यही है कि वे जल्द से जल्द इन्हें रिज़र्व बैंक में जमा कर दें।
निचोड़:
तीन साल बाद भी ₹2000 के नोटों का रहस्य बरकरार है — लाखों लोग अब भी इन्हें वापस करने से कतरा रहे हैं। RBI के आंकड़े एक बार फिर यह बताते हैं कि देश में नकदी के प्रति लोगों का भरोसा और प्रवृत्ति अब भी गहराई तक मौजूद है।
