नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 24 सितम्बर 2025 दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। अफगानिस्तान के 13 वर्षीय लड़के ने काबुल से दिल्ली आ रही फ्लाइट के लैंडिंग गियर कंपार्टमेंट में छिपकर करीब 94 मिनट का खतरनाक सफर तय किया और सकुशल दिल्ली पहुँच गया।
जानकारी के मुताबिक, यह नाबालिग काबुल एयरपोर्ट पर यात्रियों की गाड़ियों के पीछे-पीछे सुरक्षा घेरे में दाखिल हुआ और विमान के रियर सेंट्रल लैंडिंग गियर बे में जाकर छिप गया। दरअसल, उसका मकसद ईरान जाने का था, लेकिन गलती से वह भारत आने वाली फ्लाइट में सवार हो गया।
जानलेवा परिस्थितियों से बचा चमत्कारिक रूप से
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि विमान के लैंडिंग गियर कंपार्टमेंट में सफर करना बेहद खतरनाक होता है। 10 हजार फीट की ऊँचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा बेहद कम हो जाती है।30 हजार फीट से अधिक की ऊँचाई पर तापमान -40 से -60 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति कुछ ही मिनटों में बेहोश हो सकता है या उसकी मौत भी हो सकती है। कई मामलों में लोग हाइपोथर्मिया और हाइपोक्सिया के कारण जीवित नहीं बच पाते। लेकिन यह किशोर चमत्कारिक रूप से जिंदा बच गया और दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ भी उसे देखकर हैरान रह गया।
हिरासत में लेकर पूछताछ
फ्लाइट लैंड होने के बाद तुरंत ही सुरक्षा एजेंसियों ने बच्चे को हिरासत में लेकर पूछताछ की और मेडिकल जांच कराई। पूछताछ में उसने बताया कि उसने यह कदम सिर्फ जिज्ञासा के कारण उठाया था और उसे इसके खतरनाक परिणामों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
अधिकारियों ने पूरी औपचारिकता पूरी करने के बाद अगले ही दिन उसे उसी एयरलाइन की फ्लाइट से काबुल वापस भेज दिया, लेकिन इस बार वह सुरक्षित यात्री के रूप में लौटा।
घटना से खड़े हुए सुरक्षा सवाल
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिरकार नाबालिग इतनी आसानी से विमान के भीतर लैंडिंग गियर तक कैसे पहुँच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ बेहद दुर्लभ होती हैं, लेकिन इससे हवाई सुरक्षा पर सख्ती बरतने की आवश्यकता साफ झलकती है।
