नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 सितम्बर 2025 भारतीय डाक विभाग ने एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए 171 वर्ष पुरानी “रजिस्टर्ड डाक सेवा” को 1 सितंबर 2025 से बंद कर दिया है। यह सेवा ब्रिटिश काल से चली आ रही थी और आधिकारिक पत्राचार, कानूनी नोटिस, सरकारी आदेशों और व्यक्तिगत महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित तरीके से भेजने का सबसे भरोसेमंद साधन मानी जाती थी।
अब डाक विभाग ने रजिस्टर्ड डाक को स्पीड पोस्ट सेवा में विलय कर दिया है। यानी अब सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से ही भेजे जाएंगे।
क्या बदलेगा?
पहले रजिस्टर्ड डाक साधारण डाक से थोड़ी महंगी लेकिन भरोसेमंद सेवा थी।
अब उसकी जगह स्पीड पोस्ट सेवा ही उपयोग में लाई जाएगी।
स्पीड पोस्ट की शुल्क (फीस) रजिस्टर्ड डाक से अधिक है, लेकिन इसमें तेज़ और डिजिटल ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सूत्रों के मुताबिक डाक विभाग ने यह निर्णय बदलते समय और तकनीक को देखते हुए लिया है। डिजिटल युग में लोग सुरक्षित और तेज़ डिलीवरी की मांग कर रहे थे। रजिस्टर्ड डाक की बुकिंग व ट्रैकिंग प्रक्रिया को अब आधुनिक स्पीड पोस्ट सिस्टम में शामिल कर दिया गया है।
इतिहास का अंत
रजिस्टर्ड डाक सेवा 1854 से भारत में प्रचलित थी। इस सेवा का उपयोग अदालतों, वकीलों, सरकारी विभागों और आम नागरिकों द्वारा व्यापक रूप से किया जाता रहा है। अब यह सेवा इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगी।
👉 अब जो भी दस्तावेज या पत्र सुरक्षित रूप से भेजना है, वह स्पीड पोस्ट के जरिए ही भेजा जा सकेगा।
