पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने PCB के इस फैसले पर खुलकर नाराजगी जताई है. एक टीवी शो में उन्होंने कहा कि सिर्फ जुर्माना लगाने से कुछ हासिल नहीं होगा. उनके मुताबिक यह “छोटी सोच” है और असली जरूरत सिस्टम में बदलाव की है. अफरीदी का मानना है कि जिन खिलाड़ियों ने लगातार खराब प्रदर्शन किया है, उन्हें घरेलू क्रिकेट में भेजकर दोबारा मेहनत करने का मौका देना चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ियों को आराम दिया जाना चाहिए और टीम में नई ऊर्जा लाने के लिए बदलाव जरूरी है. अफरीदी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है. कुछ लोग उनके समर्थन में हैं, तो कुछ का मानना है कि खिलाड़ियों की जवाबदेही तय करना भी जरूरी है.सलमान अली आगा की कप्तानी में पाकिस्तान ने ग्रुप स्टेज में अमेरिका, नीदरलैंड और नामीबिया के खिलाफ जीत दर्ज की थी, लेकिन भारत के खिलाफ हार ने टीम पर दबाव बढ़ा दिया था. सुपर-8 में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने से टीम बाहर हो गई थी.
अब सवाल यह है कि क्या जुर्माना लगाने से टीम की समस्याएं हल होंगी या फिर अफरीदी की बात मानकर बड़े बदलाव की जरूरत है? पाकिस्तान क्रिकेट के लिए यह समय आत्ममंथन का है. आने वाले महीनों में बोर्ड कौन सा रास्ता चुनता है, इस पर सबकी नजरें रहेंगी.
