ऊंचाहार ईश्वरदासपुर में युवक की निर्मम हत्या करने के मामले में रायबरेली सांसद नेता राहुल गांधी का व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन का बयान आया सामने

राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली के ऊँचाहार में हरिओम पासवान की पीट पीटकर हुई हत्या के मामले में सांसद राहुल गांधी व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे का संयुत बयान जारी हुआ है। राहुल गांधी ने अपने ऑफिसियल एक्स पर लिखा कि रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम हत्या सिर्फ़ एक इंसान की नहीं – इंसानियत, संविधान और न्याय की हत्या है।

आज भारत में दलित, आदिवासी, मुसलमान, पिछड़े और ग़रीब – हर उस व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा है, जिसकी आवाज़ कमजोर है, जिसकी हिस्सेदारी छीनी जा रही है, और जिसकी ज़िंदगी सस्ती समझी जाती है।

देश में नफ़रत, हिंसा और भीड़तंत्र को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है – जहाँ संविधान की जगह बुलडोज़र ने ले ली है, और इंसाफ़ की जगह डर ने।

मैं हरिओम के परिवार के साथ खड़ा हूँ – उन्हें न्याय ज़रूर मिलेगा। भारत का भविष्य समानता और मानवता पर टिका है और यह देश चलेगा संविधान से, भीड़ की सनक से नहीं।

वहीं कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम और क्रूर हत्या की कांग्रेस पार्टी कड़ी से कड़ी निंदा करती है।

हमारा संयुक्त वक्तव्य

हमारे देश में एक संविधान है, जो हर इंसान को समानता के भाव से पहचानता है। एक कानून है, जो हर नागरिक की सुरक्षा, उसके अधिकार और उसकी अभिव्यक्ति को समान दर्जा देता है। जो रायबरेली में हुआ, वह इस देश के संविधान के प्रति घोर अपराध है। दलित समुदाय के प्रति अपराध है, और इस देश व समाज पर कलंक है। देश में दलितों, अल्पसंख्यकों और ग़रीबों पर अपराध की संख्या हद से ज़्यादा बढ़ चुकी है। यह हिंसा सबसे अधिक उन्हीं पर होती है जो वंचित हैं, बहुजन हैं, जिनकी न पर्याप्त हिस्सेदारी है, न प्रतिनिधित्व।

चाहे हाथरस और उन्नाव में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध हों, रायबरेली में हरिओम की हत्या, या कुछ समय पहले, रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या, मध्य प्रदेश में एक नेता द्वारा आदिवासी युवक पर पेशाब करने की अमानवीय घटना, ओडिशा और मध्य प्रदेश में दलितों की निर्मम पिटाई, या फिर हरियाणा के पहलू खान और उत्तर प्रदेश के अख़लाक़ की हत्या, हर घटना हमारे समाज, प्रशासन और सत्ताधारी शक्तियों की बढ़ती हुई संवेदनहीनता का दर्पण है।

2014 के बाद से मॉब लिंचिंग, बुलडोज़र अन्याय और भीड़तंत्र जैसी प्रवृत्तियां हमारे समय की भयावह पहचान बन चुकी हैं। हिंसा किसी भी सभ्य समाज की निशानी नहीं हो सकती इसलिए हरिओम के साथ जो हुआ, वह हमारी सामूहिक नैतिकता पर गहरा प्रश्न है। डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों का भारत और महात्मा गांधी के ‘वैष्णव जन…’ का भारत सामाजिक न्याय, समानता और संवेदना का भारत है, जिसमें ऐसे अपराधों के लिए कोई स्थान नहीं। मानवता ही एकमात्र रास्ता है।

कांग्रेस पार्टी समाज के वंचित और कमजोर तबकों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। हम नागरिकों से आह्वान करते हैं कि वे इस अन्याय के विरुद्ध एकजुट हों। यह लड़ाई तब तक जारी रहनी चाहिए, जब तक हर भारतीय के अधिकारों और जीवन की गरिमा को पूर्ण सुरक्षा नहीं मिल जाती।