महाराष्ट्र: NCP के संभावित विलय पर बीजेपी का बड़ा दावा?

महाराष्ट्र में सियासी हलचल के बीच एनसीपी के संभावित विलय को लेकर बीजेपी विधायक राम कदम ने बड़ा बयान दिया है. राम कदम ने कहा कि जब तक अजित दादा जीवित थे, तब तक शरद पवार गुट और अजित पवार गुट के एक होने की कोई चर्चा नहीं थी. उन्होंने सवाल उठाया कि यह सारी बातें अजित दादा के निधन के बाद ही क्यों शुरू हुईं.

बीजेपी विधायक ने आगे कहा, “पहले कभी शरद पवार या अन्य नेताओं ने इस तरह की कोई बात नहीं कही. अब अचानक इस मुद्दे को उठाया जा रहा है, जिससे आम लोगों के मन में यह सवाल पैदा होता है कि कहीं यह नई ‘घिनौनी राजनीति’ की शुरुआत तो नहीं है.”

उन्होंने कहा कि अगर अजित पवार का दल सरकार का हिस्सा हैं और कोई बड़ा फैसला लेना चाहते हैं तो नैतिकता के आधार पर सबसे पहले मुख्यमंत्री से बात होनी चाहिए. राम कदम ने ये भी बताया कि खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी स्पष्ट कर चुके हैं कि इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है. इससे यह साफ होता है कि अजित पवार के निधन के बाद उठी ये बातें सिर्फ मनगढ़ंत कहानियां हैं.

इसके अलावा उन्होंने एनसीपी के भीतर सुनेत्रा पवार के नाम को लेकर उठे विवाद पर भी राम कदम ने कहा कि यह फैसला अजित पवार गुट के विधायकों ने लिया था और उसी आधार पर मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को नाम भेजा, जिसके बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया.

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी को दोष देना है तो क्या वे अजित पवार गुट के विधायकों को दोष देंगे या फिर मुख्यमंत्री को? राम कदम ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि इस तरह की बातें करना बचकानी सोच को दर्शाता है.