लखनऊ:प्राइवेट स्कूलों पर योगी सरकार की कड़ी कार्रवाई: सभी शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता की होगी जांच

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 नवंबर 2025 उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मोटी फीस वसूलने के बाद भी योग्य शिक्षकों की नियुक्ति न करने पर योगी सरकार ने सभी प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों की योग्यता की जांच का आदेश दिया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के सख्त निर्देशों के बाद शुरू की गई है।

राहुल जैन की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई

झांसी के निवासी राहुल जैन ने एनसीटीई को कई पुख्ता साक्ष्यों के साथ शिकायत भेजी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कई निजी स्कूल बिना D.El.Ed, B.Ed, CTET या TET पास किए हुए शिक्षकों को पढ़ाने पर लगाए हुए हैं। यह न केवल विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है बल्कि एनसीटीई के मानकों का उल्लंघन भी है।

अब 75 जिलों में होगी टीचरों की जांच

एनसीटीई के कड़े रुख के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को आदेश जारी कर दिए हैं। अब—हर जिला विद्यालय निरीक्षक निजी स्कूलों में पढ़ा रहे सभी शिक्षकों की शैक्षिक अर्हता की जांच करेगा। जिन शिक्षकों की योग्यता मानक के अनुरूप नहीं होगी, उन्हें नौकरी से हटाया जाएगा। स्कूलों को अपने रिकॉर्ड अपडेट कर प्रशासन को सौंपना होगा। मानकों के अनुपालन की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी

योग्यता के बिना पढ़ाने वालों पर सख्त कार्रवाई

सरकार का कहना है कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन स्कूलों में योग्य शिक्षक नहीं पाए जाएंगे, उन पर भी प्रशासन कार्रवाई करेगा।

मोटी फीस, कम वेतन की दोहरी मार

शिकायत में यह भी सामने आया है कि अधिकांश निजी स्कूल—अभिभावकों से मोटी फीस वसूलते हैं, लेकिन शिक्षकों को बहुत कम वेतन पर नौकरी देते हैं, योग्य शिक्षक न मिलने पर कई स्कूल सिर्फ BA–MA पास युवाओं को पढ़ाने पर लगा देते हैं, यह स्थिति बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता पर सीधा असर डाल रही है।

सरकार का उद्देश्य — गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

प्रदेश सरकार का स्पष्ट कहना है कि कदम का उद्देश्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना है। योग्यता के बिना टीचरों को हटाकर और मानकों का सख्ती से पालन कराते हुए सरकारी तंत्र निजी स्कूलों में भी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की तैयारी में है।

यह कदम लंबे समय से चल रही शिक्षकों की अपात्रता और फीस मनमानी की शिकायतों को दूर करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।