लखनऊ:ग्राम प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री से मानदेय भुगतान की उठाई मांग।

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 सितम्बर 2025 ग्राम प्रधान संगठन (राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश) ने प्रदेश सरकार से ग्राम प्रधानों को मानदेय देने की पुरजोर मांग की है। संगठन के प्रान्त अध्यक्ष कोशल किशोर पाण्डेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं पंचायती राज विभाग को संबोधित प्रार्थना पत्र भेजकर कहा कि ग्राम प्रधान अपने क्षेत्र में प्रतिदिन सुबह से शाम तक जनता और पंचायत से जुड़ी तमाम जिम्मेदारियों को निभाते हैं, लेकिन उन्हें अब तक किसी प्रकार का मानदेय प्राप्त नहीं होता।

ग्राम प्रधान की जिम्मेदारियां

पत्र में कहा गया है कि ग्राम प्रधान जनता और सरकार के बीच एक अहम कड़ी का कार्य करते हैं। वे ग्राम पंचायत की समस्त व्यवस्थाओं का संचालन, विभागीय अधिकारियों, ग्राम सचिव, ग्राम विकास अधिकारी से तालमेल, जनहित की योजनाओं का क्रियान्वयन, ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं।

श्री पाण्डेय का कहना है कि अन्य विभागों जैसे जल निगम, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगर पंचायत, जिला पंचायत और विकास खंडों में कार्यरत अधिकारियों को वेतन व मानदेय दिया जाता है, जबकि ग्राम प्रधान अपने ही क्षेत्र में जनता के बीच लगातार कार्यरत रहते हुए भी बिना मानदेय के सेवा कर रहे हैं। यह स्थिति न्यायसंगत नहीं कही जा सकती।

शासनादेश का हवाला

संगठन ने अपने पत्र में शासनादेश संख्या 3037/33-1-01-55-2001 दिनांक 08/10/2001 का उल्लेख करते हुए कहा कि सेवानिवृत्त ग्राम प्रधानों को भी समिति की बैठक का सभापतित्व करने के लिए मानदेय दिया जाता है। ऐसे में वर्तमान ग्राम प्रधान, जो रोजाना जिम्मेदारियां निभाते हैं, उन्हें मानदेय से वंचित रखना उचित नहीं है।

मुख्यमंत्री से अपील

प्रान्त अध्यक्ष कोशल किशोर पाण्डेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि प्रदेश के सभी ग्राम प्रधानों को मानदेय भुगतान की व्यवस्था तत्काल लागू की जाए, जिससे वे और अधिक प्रभावी ढंग से जनता की सेवा कर सकें।

संगठन का पक्ष

ग्राम प्रधान संगठन का कहना है कि ग्राम प्रधान गांव के सबसे निकट और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि हैं। वे ही ग्राम विकास योजनाओं के केंद्र में होते हैं और सबसे पहले जनता की समस्याओं का सामना करते हैं। ऐसे में उन्हें मानदेय देकर न केवल न्याय किया जाएगा, बल्कि उनकी जिम्मेदारियों को और मजबूती भी मिलेगी।

📌 यह मुद्दा प्रदेश के लाखों ग्राम प्रधानों से जुड़ा है, और यदि सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली को और गति मिल सकती है।