लखनऊ:उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन तय, मिलेगा पारदर्शी भर्ती का लाभ

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 सितम्बर 2025 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। लंबे समय से न्यूनतम वेतन और असुरक्षित भविष्य को लेकर आवाज़ उठा रहे लाखों कर्मचारियों के लिए यह फैसला किसी राहत से कम नहीं है। अब न केवल भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा, बल्कि सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन की गारंटी भी तय कर दी गई है।

चार श्रेणियों में बंटे पद, तय हुआ न्यूनतम वेतन

सरकार ने कर्मचारियों को उनकी योग्यता और कार्य के अनुसार चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटते हुए वेतनमान सुनिश्चित किया है।

पहली श्रेणी

इस श्रेणी में डॉक्टर, इंजीनियर (एई और एसडीओ), लेक्चरर, प्रोजेक्ट ऑफिसर, अकाउंट ऑफिसर, असिस्टेंट आर्किटेक्ट और रिसर्च ऑफिसर जैसे आठ प्रमुख पद शामिल हैं।

👉 इन पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को न्यूनतम 40,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा।

👉 योग्यता भी उच्च स्तर की रखी गई है। जैसे – डॉक्टर के लिए एमबीबीएस, इंजीनियर के लिए बीटेक, लेक्चरर के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन और अकाउंट ऑफिसर के लिए एमकॉम के साथ 5 साल का अनुभव या चार्टर्ड अकाउंटेंट की डिग्री अनिवार्य है।

दूसरी श्रेणी

इसमें सीनियर असिस्टेंट, सीनियर स्टेनोग्राफर, सीनियर अकाउंटेंट, डाटा प्रोसेसिंग ऑफिसर, ट्रांसलेटर, कल्याण अधिकारी, ड्राइंग टीचर, पीटीआई, टीजीटी, ड्राफ्ट्समैन, एक्स-रे टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, जूनियर इंजीनियर (JE), लीगल असिस्टेंट और सांख्यिकी अधिकारी जैसे पद शामिल हैं।

👉 इन सभी पदों पर कम से कम 25,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा।

तीसरी श्रेणी

इस श्रेणी में जूनियर असिस्टेंट, जूनियर स्टेनोग्राफर, टाइपिस्ट, टेलीफोन ऑपरेटर, स्टोर कीपर, फोटोग्राफर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, लाइब्रेरियन, डाटा प्रोसेसिंग असिस्टेंट, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, फिटर, लैब असिस्टेंट, पैरामेडिकल स्टाफ, सुपरवाइजर, मैनेजर और ड्राइवर जैसे 17 पद शामिल हैं।

👉 इन पर काम करने वालों को न्यूनतम 22,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा।

चौथी श्रेणी

सबसे बड़ी श्रेणी में 97 तरह के पद रखे गए हैं। इनमें ऑफिस सर्वाडिनेट, लिफ्ट ऑपरेटर, लैब अटेंडेंट, रिकॉर्ड असिस्टेंट, अर्दली, अनुसेवक, स्टोर सहायक, नाई, मोची, राजमिस्त्री, बढ़ई, क्रेन ऑपरेटर, हेल्पर, पेंटर, लेबर, रोड मेट, चौकीदार, माली, चपरासी, वार्ड अटेंडेंट, कुक, स्वीपर, फायरमैन, गेटकीपर और लाइब्रेरी अटेंडेंट जैसे पद शामिल हैं।

👉 इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 8वीं या 10वीं पास रखी गई है और न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये मासिक तय किया गया है।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का कहना है कि इस फैसले से आउटसोर्सिंग व्यवस्था में वर्षों से व्याप्त अव्यवस्था और शोषण पर रोक लगेगी। पहले कर्मचारियों को बहुत कम वेतन मिलता था और भर्ती प्रक्रिया में भी पारदर्शिता की कमी रहती थी। लेकिन अब नई व्यवस्था से लाखों परिवारों को सीधा फायदा होगा और कर्मचारियों को उनकी मेहनत के अनुरूप मानदेय मिलेगा।

कर्मचारियों में खुशी की लहर

इस फैसले के बाद राज्यभर के आउटसोर्स कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से वेतनमान और स्थिरता की मांग कर रहे कर्मचारियों ने सरकार का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि अब वे अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर पाएंगे और सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।