लखनऊ:उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 127 पंजीकृत राजनीतिक दलों को जारी किया नोटिस, 24 दलों ने दी सफाई

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 08 अक्टूबर 2025 उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने बुधवार को उन पंजीकृत राजनीतिक दलों की सुनवाई की, जिन्होंने विगत छह वर्षों में लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में भाग लेने के बावजूद निर्धारित समय सीमा में वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट, अंशदान रिपोर्ट और निर्वाचन व्यय विवरणी आयोग को प्रस्तुत नहीं की थी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में आयोजित इस सुनवाई के दूसरे दिन कुल 45 पंजीकृत राजनीतिक दलों को उपस्थित होने के लिए बुलाया गया था, जिनमें से 24 दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इन प्रतिनिधियों ने अपने-अपने दलों की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट (वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24) तथा निर्वाचन व्यय विवरणी प्रस्तुत की।

सीईओ ने सभी दलों से उनके मोबाइल नंबर, ईमेल और पंजीकृत पते का अद्यतन विवरण भी मांगा और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पंजीकृत दलों के पते का भौतिक सत्यापन कराया जाए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री रिणवा ने स्पष्ट कहा कि— “प्रत्येक राजनीतिक दल के लिए प्रतिवर्ष 30 सितम्बर तक अंशदान रिपोर्ट तथा 31 अक्टूबर तक वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट देना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, लोकसभा चुनाव के बाद 90 दिनों और विधानसभा चुनाव के बाद 75 दिनों के भीतर आय-व्यय का विवरण आयोग को देना भी जरूरी है।”

उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक दलों को 20,000 रुपये से अधिक के चंदे की पूरी जानकारी रिपोर्ट में देना आवश्यक है। साथ ही प्रत्येक प्रत्याशी को भी निर्वाचन समाप्त होने के 30 दिन के भीतर अपने खर्च का ब्योरा देना होगा।

प्रदेश में कुल 127 पंजीकृत दलों को वार्षिक रिपोर्ट और व्यय विवरणी न देने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

बुधवार की सुनवाई में जिन दलों ने भाग लिया उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं —

राष्ट्रीय जनता पार्टी (गौतमबुद्धनगर), भारतीय वंचित समाज पार्टी (कन्नौज), भारतीय मानव समाज पार्टी (जौनपुर), नेशनल लोकमत पार्टी (मेरठ), इंसाफवादी पार्टी (वाराणसी), गरीब बेरोजगार विकास पार्टी (बरेली), किसान मजदूर बेरोजगार संघ (औरैया), राष्ट्रीय अपना दल (प्रयागराज), प्रगतिशील समाज पार्टी (प्रयागराज), नैतिक पार्टी (लखनऊ), मानवीय भारत पार्टी (जौनपुर), पिछड़ा समाज पार्टी (बिजनौर), मोडरेट पार्टी (देवरिया), मेधा पार्टी (प्रयागराज), राष्ट्रीय जन अधिकार पार्टी (यूनाइटेड) (रायबरेली), कर्तव्य राष्ट्रीय पार्टी (मेरठ), नक़ी भारतीय एकता पार्टी (मेरठ), राष्ट्रीय कांग्रेस (जे०) पार्टी (मुरादाबाद), राष्ट्रीय अम्बेडकर दल (वाराणसी), राष्ट्रवादी पार्टी ऑफ इंडिया (गोरखपुर), एकलव्य समाज पार्टी (लखनऊ), लोकतांत्रिक जनवादी पार्टी (वाराणसी), किशोर राज पार्टी (लखनऊ) एवं लोक दल (लखनऊ)।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी दलों को चेतावनी दी कि निर्धारित समय पर रिपोर्ट न देने की स्थिति में आयोग आवश्यक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा। साथ ही उन्होंने सभी दलों से अपील की कि वे अपने अभिलेख समय पर प्रस्तुत करें और पंजीकरण से संबंधित सूचनाएं अद्यतन रखें ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।