लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 सितम्बर 2025 कुशवाहा मौर्य शाक्य सैनी कल्याण एसोसिएशन के तत्वावधान में राजधानी लखनऊ स्थित कार्यालय चौक पर लेनिन बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के शहादत दिवस की संध्या पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरीश चंद्र कुशवाहा ने कहा कि समाज को यदि सम्मान और अधिकार चाहिए तो जोश और होश के साथ एकजुट होकर मतदान करना होगा।
उन्होंने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद ने बिहार में समाज को किंग बनाने की दिशा में संघर्ष किया था, इसी कारण सामंतवादी ताकतों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। आज उत्तर प्रदेश में भी समाज को संगठित कर किंग बनाने का प्रयास किया जा रहा है और इस संघर्ष में स्वामी प्रसाद मौर्य अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। श्री कुशवाहा ने आरोप लगाया कि संघर्ष देखकर समाज विरोधी ताकतें बौखला गई हैं और 15% लोग न सिर्फ स्वामी प्रसाद मौर्य पर बल्कि पूरे समाज पर हमला कर रहे हैं, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
उन्होंने कहा, “जिस दिन समाज का 14 प्रतिशत मत एक मंच पर एकजुट होकर अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई का बिगुल बजा देगा, उसी दिन उत्तर प्रदेश में वही दल सरकार बनाएगा जो समाज को अधिकार और सम्मान देगा।”
भाजपा सरकार पर निशाना
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, दो राज्यसभा सांसद और विधान परिषद में सदस्य होने के बावजूद समाज के नेता चुप हैं। पहले लखनऊ के बुद्धा पार्क का नाम बदला गया और अब कानपुर के बुद्धा पार्क का नाम बदलने की कोशिश की गई। यह कदम प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से उठाया गया, लेकिन समाज के कड़े विरोध के कारण यह प्रयास भी असफल हो गया।
गिरीश चंद्र कुशवाहा ने कहा कि बुद्धा पार्क का नाम बदलने के फैसले से साफ हो गया है कि सरकार समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। लेकिन अब समाज चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जैसे लखनऊ में विरोध के बाद सरकार को कदम पीछे खींचना पड़ा, वैसे ही कानपुर में भी समाज ने यह साजिश नाकाम कर दी है।
समाज को किंग मेकर बनने का संदेश
सभा के अंत में गिरीश चंद्र कुशवाहा ने सभी वर्गों के लोगों से अपील की कि वे समाज की एकजुटता को बनाए रखें और उस नेतृत्व का समर्थन करें जो समाज के सम्मान और अधिकार की गारंटी दे। उन्होंने कहा कि यही जगदेव प्रसाद की शहादत को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और यही रास्ता समाज के उत्थान की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगा।
