लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 12 सितम्बर 2025 उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा नगर विकास, गृह, पंचायतीराज, शिक्षा एवं जनसम्पर्क विभागों सहित कई विभागों को निर्देशित किया गया है कि सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA)-2003 तथा इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA)-2019 का प्रदेश में कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
शिकायतों के बाद केंद्र का निर्देश
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि तम्बाकू नियंत्रण कानून लागू होने के बावजूद कई जगहों पर इनका उल्लंघन हो रहा है। इनमें प्रमुख रूप से—
★नाबालिगों को तम्बाकू उत्पादों की बिक्री
★शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू की बिक्री
★सार्वजनिक स्थलों पर धूमपान
★तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन व प्रचार (डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित)
★ई-सिगरेट एवं इसी तरह के उपकरणों की बिक्री व उपलब्धता शामिल हैं।
इन्हीं मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर कानूनों के सख्त अनुपालन की अपेक्षा की थी।
राज्य सरकार का रुख
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि तम्बाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों और असामयिक मृत्यु को रोकने के लिए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करना अत्यंत आवश्यक है। इस संदर्भ में सभी विभागों को आदेशित किया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर निगरानी करें और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि तम्बाकू का सेवन फेफड़ों, हृदय, कैंसर जैसी कई घातक बीमारियों का कारण बनता है। देश में हर वर्ष लाखों लोग तम्बाकूजनित रोगों से पीड़ित होते हैं और लाखों की मृत्यु हो जाती है। ऐसे में इस अभियान को प्रभावी बनाने से समाज को स्वस्थ रखने में मदद मिलेगी।
शिक्षा और जनजागरूकता पर जोर
प्रदेश सरकार ने न केवल कानूनों के अनुपालन पर बल्कि जनजागरूकता पर भी जोर दिया है। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को निर्देशित किया गया है कि मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और जनसंपर्क माध्यमों से अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचाया जाए, ताकि समाज को तम्बाकू के खतरों के प्रति सचेत किया जा सके।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल युवाओं और आम नागरिकों को तम्बाकू सेवन से होने वाले खतरों से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अब देखना होगा कि विभिन्न विभाग किस तरह मिलकर इस कानून को जमीनी स्तर पर लागू करते हैं और प्रदेश को तम्बाकू-मुक्त बनाने की दिशा में ठोस परिणाम सामने आते हैं।
