लखनऊ: 25 जून को सम्यक पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री वी. पी. सिंह की जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया। इस क्रम में सम्यक पार्टी कानपुर नगर, सम्यक पार्टी मांडा खास, प्रयागराज द्वारा कार्यक्रम किए गए। मांडा खास, प्रयागराज में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मांडवी देवी स्थान पर पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। माल्यार्पण कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय मार्गदर्शक मंडल के अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शिव प्रसाद विश्वकर्मा, राष्ट्रीय महासचिव गोपाल दास गुप्ता, प्रदेश महासचिव संगठन के. पी. शाक्य, विधानसभा कोषाध्यक्ष कन्हैयालाल कुशवाहा और एडवोकेट मुन्ना सिंह, एडवोकेट शशिकांत कुशवाहा, दीनानाथ कनौजिया, आदि शामिल रहे।
कानपुर में जयंती कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन प्रोफेसर राम सिंह, राष्ट्रीय सचिव डॉ. सोमेन्द्र कुशवाहा, कानपुर मंडल अध्यक्ष डॉ. भानु प्रताप कुशवाहा, जिलाध्यक्ष डॉ. अनिल राठौर और प्रोफेसर लवकुश पाल, डॉ. श्याम कुमार शाक्य तथा डॉ. अशोक कुमार शाक्य उपस्थित रहे।
पदाधिकारियों और प्रबुद्ध जनों ने पूर्व प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपने विचार रखे। डॉ. सोमेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि उन्हें लगभग दो महीने माननीय वी. पी. सिंह जी के साथ कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है। वह मिलनसार व्यक्तित्व के धनी और कुशल शासक थे। प्रोफेसर राम सिंह ने बताया कि माननीय वी.पी. सिंह जी ने मंडल कमीशन किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि अपने करुणाशील व्यक्तित्व के कारण लागू किया था। यह तथ्य दो बातों से सत्य सिद्ध होता है। पहला, उन्होंने भूदान आंदोलन में अपनी सारी सम्पत्ति दान कर दी थी। दूसरा, उनकी सरकार तो गिरनी ही थी, यदि वह सामंती सोच के होते तो मंडल कमीशन न लागू करके गिरवाते, किन्तु उन्होंने दूसरा रास्ता चुना और मंडल कमीशन लागू करवाकर अपनी सरकार गिरवाई। उन्होंने कहा भी था, “हालांकि मेरी टांग टूट गई किन्तु मैंने गोल कर दिया।” इतने दिन तक माननीय वी पी सिंह जी को इतिहास में वह सम्मान नहीं मिला जो उन्हें मिलना चाहिए था। सम्यक पार्टी उन्हें उनका समुचित स्थान अवश्य दिलवाएगी।
