लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 सितम्बर 2025 उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में 50,000 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया, जबकि 22 से 25 सितम्बर के बीच विभिन्न आयोजनों के माध्यम से कुल 3,85,681 लोग जागरूक हुए।
कार्यक्रमों में POSH अधिनियम 2013 (यौन उत्पीड़न की रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) पर विशेष कार्यशालाएँ आयोजित की गईं। विशेषज्ञों ने अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि प्रत्येक संगठन, जिसमें दस से अधिक कर्मचारी कार्यरत हों, के लिए आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य है। साथ ही, जिला स्तर पर स्थानीय समितियाँ भी कार्यरत हैं। अधिनियम के अनुसार, किसी भी शिकायत पर 90 दिनों के भीतर जाँच पूरी करना अनिवार्य है और महिला की गोपनीयता की रक्षा करना कानूनी दायित्व है।
इन जागरूकता कार्यक्रमों में केवल POSH अधिनियम की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि कामकाजी महिलाओं के वित्तीय और कानूनी अधिकारों पर भी जोर दिया गया। इसमें मातृत्व अवकाश, समान कार्य हेतु समान वेतन का अधिकार, कार्यस्थल पर स्वास्थ्य-सुरक्षा प्रावधान, वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग और बीमा योजनाओं तक पहुँच जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा: “मिशन शक्ति 5.0 केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं है, बल्कि यह सतत सामाजिक परिवर्तन का अभियान है। हमारा लक्ष्य है कि हर कार्यस्थल महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक बने, जहाँ वे आत्मविश्वास के साथ काम कर सकें।”
उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले महीनों में प्रदेश के प्रत्येक जिले में POSH अधिनियम से संबंधित नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और नियोक्ताओं को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति और अधिक उत्तरदायी बनाया जाएगा।
इस आयोजन ने स्पष्ट कर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और आर्थिक सशक्तिकरण ही समाज के वास्तविक विकास की आधारशिला है। मिशन शक्ति 5.0 के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है कि हर महिला और बच्चा सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बन सके।
