लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 10 सितंबर 2025 उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री राजीव कृष्ण ने आज पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा तैयार किए गए नए प्रशिक्षण कार्यक्रमों, ऑनलाइन पोर्टल और प्रशिक्षण सामग्री का शुभारंभ किया। इस अवसर को प्रदेश पुलिस व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
डीजीपी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह पहल केवल तकनीकी उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस प्रशिक्षण और कार्यप्रणाली में एक गुणात्मक परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि नया प्रशिक्षण ढांचा अब केवल शारीरिक फिटनेस पर केंद्रित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें तकनीकी दक्षता, कानूनी जानकारी और मानवीय संवेदनशीलता को भी समान रूप से महत्व दिया जाएगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभिनव प्रयास उत्तर प्रदेश पुलिस को और अधिक सक्षम, अनुशासित तथा जनकेंद्रित बनाएगा। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल साबित होगा।
प्रशिक्षण निदेशालय की भूमिका
इस कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण श्रीमती तिलोत्तमा वर्मा सहित प्रशिक्षण निदेशालय के समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
डीजीपी ने निदेशालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर परिश्रम और दूरदर्शी सोच के कारण प्रशिक्षण की दिशा और दशा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने इसे एक “नई क्रांति” बताया जो पुलिस की सोच, कार्यशैली और प्रशिक्षण पद्धति को नई दिशा देने वाला है।
पुलिसिंग के नए आयाम
नई प्रशिक्षण प्रणाली के तहत—पुलिस कर्मियों को नियमित रूप से आधुनिक तकनीक और कानूनी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
शारीरिक दक्षता के साथ-साथ डिजिटल कौशल और संवेदनशीलता पर विशेष जोर दिया जाएगा।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण सामग्री अब अधिक सुगम, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध होगी।
स्मार्ट पुलिसिंग की ओर कदम
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश पुलिस को स्मार्ट पुलिसिंग के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। जनता की सेवा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने में पुलिस कर्मियों को इससे और अधिक दक्षता मिलेगी।
निष्कर्ष
पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय की यह पहल निश्चित ही उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। नई प्रणाली से न केवल प्रशिक्षण का स्तर ऊँचा होगा, बल्कि पुलिस बल और भी सक्षम, कुशल और जनहितैषी बनेगा।
