लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज) 10 दिसंबर 2025 उत्तर प्रदेश में कफ सिरप के अवैध भंडारण और बिक्री को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने सख्त रुख अपनाया है। इस संबंध में FSDA की कमिश्नर IAS डॉ. रौशन जैकब ने स्पष्ट किया कि कोडीन रखना या बेचना अपने आप में अपराध नहीं है, लेकिन यदि इसकी खरीद-फरोख्त के वैध और पूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं तो यह गैरकानूनी माना जाएगा।
डॉ. रौशन जैकब ने यह भी साफ किया कि मध्य प्रदेश में कफ सिरप से बच्चों की मौतों का उत्तर प्रदेश से कोई संबंध नहीं है। अफवाहों से बचने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यूपी में मामलों की जांच नियमों और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर की जा रही है।
FSDA द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में राज्य के 28 जिलों में 128 मेडिकल स्टोर, थोक विक्रेताओं और प्रतिष्ठानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में बिना लाइसेंस, अधूरे रिकॉर्ड, अवैध भंडारण और संदिग्ध बिक्री से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं।
कमिश्नर के अनुसार, वाराणसी (बनारस), ग़ाज़ियाबाद, कानपुर और लखनऊ में सबसे अधिक अनियमितताएं पाई गईं हैं। विभाग ने इन जिलों में निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई को और तेज कर दिया है।
डॉ. रौशन जैकब ने बताया कि FSDA का उद्देश्य न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करना है, बल्कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना भी है। उन्होंने सभी दवा विक्रेताओं से अपील की कि वे नियमानुसार लाइसेंस, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और स्टॉक विवरण पूर्ण रखें, अन्यथा कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
FSDA ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में सघन जांच अभियान जारी रहेगा, ताकि अवैध कफ सिरप की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके और आम जनता, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
